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दिवाली आते ही घरों में रोशनी, बाजारों में सजावट और मिठाइयों की खुशबू फैल जाती है। पहले इस त्योहार की तैयारियां कई दिन पहले शुरू हो जाती थीं। बच्चे मिट्टी के घरौंदे बनाते थे, घरों में कागज के कंदील तैयार होते थे और महिलाएं अपने हाथों से पकवान बनाकर पड़ोसियों में बांटती थीं। आज त्योहार मनाने का तरीका काफी बदल गया है। बाजार की चमक और ऑनलाइन खरीदारी के बीच कई छोटी-छोटी परंपराएं कुछ इलाकों और परिवारों में कम होती दिखाई दे रही हैं।
Published : 30 October 2026, 12:06 PM IST