सिरदर्द, कमर दर्द या हल्के बुखार में पेनकिलर तुरंत आराम देती है, लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। डॉक्टरों और रिपोर्ट्स के अनुसार पेनकिलर्स आंतों, किडनी और लिवर को नुकसान पहुंचा सकती हैं। जानिए बार-बार दर्द की दवा लेने से शरीर पर क्या असर पड़ता है।

आज की तेज़ रफ़्तार ज़िंदगी में दर्द आम बात हो गई है, और लोग बिना सोचे-समझे पेनकिलर ले लेते हैं। सिरदर्द से लेकर पीरियड्स के दर्द तक, दवा तुरंत आराम देती है, लेकिन इसका नुकसान धीरे-धीरे होता है। (Img Source: Google)
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हर साल दुनिया भर में अरबों पेनकिलर की डोज़ खाई जाती हैं। इनका ज़्यादा इस्तेमाल अब एक आदत बनती जा रही है, जो सेहत के लिए खतरे की घंटी है। (Img Source: Google)
डॉक्टरों का कहना है कि बार-बार पेनकिलर लेने से आंतों की अंदरूनी परत कमज़ोर हो सकती है। इससे पेट दर्द, जलन, अल्सर और पाचन संबंधी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। (Img Source: Google)
पेनकिलर का ज़्यादा इस्तेमाल किडनी पर भी बुरा असर डालता है। किडनी की फिल्टर करने की क्षमता धीरे-धीरे कम हो जाती है, जिसका पता अक्सर बाद में ही चलता है। (Img Source: Google)
ये दवाएं लिवर के लिए भी सुरक्षित नहीं मानी जातीं। कुछ आम पेनकिलर ज़्यादा मात्रा में लेने पर लिवर फेलियर का कारण बन सकते हैं। (Img Source: Google)
एक्सपर्ट्स का कहना है कि लंबे समय तक सिरदर्द की दवा लेने से सिरदर्द और भी बढ़ सकता है। इसे मेडिकेशन ओवरयूज़ हेडेक कहा जाता है। (Img Source: Google)
इसलिए, पेनकिलर को ज़रूरत समझें, आदत नहीं। डॉक्टर की सलाह के बिना बार-बार पेनकिलर लेने से लंबे समय में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। (Img Source: Google)