‘बहुत जल्द फिर सड़कों पर उतरेंगे’, अभिजीत दीपके की सरकार को चेतावनी; क्यों भड़की CJP?

पेपर लीक विरोध प्रदर्शन से जुड़े छात्रों पर दर्ज एफआईआर को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP ने केंद्र सरकार पर वादे से पीछे हटने का आरोप लगाया है। पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके ने चेतावनी दी है कि अगर छात्रों का कथित उत्पीड़न नहीं रुका और मामले वापस नहीं लिए गए तो संगठन दोबारा देशव्यापी आंदोलन शुरू कर सकता है। CJP ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश की सरकार की व्याख्या पर भी सवाल उठाए हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 29 July 2026, 5:50 PM IST

New Delhi: पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के आंदोलन और उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार पर छात्रों से किए गए कथित वादे से पीछे हटने का आरोप लगाते हुए दोबारा देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है। पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके ने साफ कहा है कि अगर छात्रों का उत्पीड़न जारी रहा और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए, तो संगठन जल्द ही फिर सड़कों पर उतर सकता है।

'बहुत जल्द दोबारा सड़कों पर उतरेंगे'

CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि छात्रों के खिलाफ कार्रवाई नहीं रुकी तो आंदोलन फिर शुरू किया जाएगा। उनका कहना है कि 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान छात्रों को पुलिस की कार्रवाई का सामना करना पड़ा और अब भी कई प्रदर्शनकारी कानूनी कार्रवाई झेल रहे हैं। दीपके ने कहा कि अगर सरकार इसके बाद भी नहीं चेती और युवाओं का उत्पीड़न जारी रहा तो संगठन बहुत जल्द दोबारा सड़कों पर उतरेगा।

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FIR को लेकर सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप

CJP प्रवक्ता सौरव दास ने आरोप लगाया कि सरकार ने आंदोलन खत्म करवाते समय शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ नई एफआईआर नहीं करने और पहले दर्ज मामलों को वापस लेने का भरोसा दिया था। दास के मुताबिक, संगठन को उम्मीद थी कि सरकार मंगलवार तक इस संबंध में लिखित आश्वासन देगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उनका आरोप है कि अब सरकार सुप्रीम कोर्ट में मामला विचाराधीन होने का हवाला देकर अपने पहले के आश्वासन से पीछे हट रही है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भी उठे सवाल

इस पूरे विवाद में सुप्रीम कोर्ट की हालिया कार्यवाही भी अहम है। CJP का कहना है कि अदालत ने पेपर लीक विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामलों में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया है। पार्टी के मुताबिक, जिन प्रदर्शनकारियों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उन्हें रिहा करने का आदेश भी दिया गया है। हालांकि, पहले से दर्ज एफआईआर की जांच जारी रखने की अनुमति दी गई है। यही बात अब विवाद का केंद्र बनी हुई है। CJP का दावा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश में ऐसा नहीं कहा गया कि सरकार पहले से दर्ज एफआईआर को वापस नहीं ले सकती।

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कई राज्यों में छात्रों पर कार्रवाई का दावा

CJP ने दावा किया है कि उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गोवा समेत कई राज्यों में पेपर लीक विरोध प्रदर्शन से जुड़े छात्रों और प्रदर्शनकारियों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी का कहना है कि कई युवाओं पर मुकदमे दर्ज हैं और उन्हें लगातार कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। संगठन की मांग है कि देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सुरक्षा दी जाए और उनके खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएं।

Location :  New Delhi

Published :  29 July 2026, 5:50 PM IST