
बृजभूषण शरण सिंह बरी (Img- X)
New Delhi: महिला पहलवानों की ओर से लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से राहत मिलने के बाद भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उन्हें लेकर वर्षों से राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस होती रही है। समर्थक उन्हें जनता का मजबूत नेता बताते हैं, जबकि विरोधियों ने उन पर गंभीर आरोप लगाए। अब अदालत के फैसले के बाद एक बार फिर चर्चा उनके राजनीतिक कद, प्रभाव और पूरे विवाद पर केंद्रित हो गई है।
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों की ओर से लगाए गए यौन उत्पीड़न के मामले में बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया। उनके साथ सह-आरोपी विनोद तोमर को भी राहत मिली। यह फैसला उस बहुचर्चित मामले में आया, जिसने 2023 में पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया था।
बृजभूषण शरण सिंह उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से आने वाले वरिष्ठ नेता हैं। वे लंबे समय तक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े रहे और कई बार लोकसभा सांसद चुने गए। उन्होंने उत्तर प्रदेश की कैसरगंज लोकसभा सीट का कई बार प्रतिनिधित्व किया और पूर्व में गोंडा संसदीय क्षेत्र से भी सांसद रह चुके हैं। राजनीति के साथ-साथ उन्होंने भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के अध्यक्ष के रूप में भी लंबा कार्यकाल निभाया। कुश्ती के क्षेत्र में उनके प्रभाव को देखते हुए वे लंबे समय तक इस संगठन का प्रमुख चेहरा बने रहे।
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बृजभूषण शरण सिंह को उत्तर प्रदेश की राजनीति में प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता है। खासकर गोंडा, कैसरगंज, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती और आसपास के इलाकों में उनका राजनीतिक प्रभाव माना जाता है।
जनवरी 2023 में ओलंपिक पदक विजेता पहलवान विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक समेत कई पहलवान दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे। पहलवानों ने आरोप लगाया कि भारतीय कुश्ती संघ के तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने महिला खिलाड़ियों का यौन उत्पीड़न किया और अपने पद का दुरुपयोग किया।
अप्रैल 2023 में पहलवान दोबारा जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे और दिल्ली पुलिस पर एफआईआर दर्ज न करने का आरोप लगाया। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। 28 अप्रैल 2023 को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और शिकायतकर्ता महिला पहलवानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
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जून 2023 में दिल्ली पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। शुरुआत में एक नाबालिग पहलवान की शिकायत के आधार पर पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया गया था। बाद में शिकायत वापस लिए जाने के बाद दिल्ली पुलिस ने उस मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की, जिसे अदालत ने मई 2025 में स्वीकार कर लिया।
अब राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों वाले मामले में भी बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को बरी कर दिया है। अदालत के विस्तृत आदेश में जिन कानूनी आधारों पर यह निर्णय दिया गया, वही अंतिम न्यायिक निष्कर्ष माना जाएगा।
Location : New Delhi
Published : 3 August 2026, 4:44 PM IST