
प्रतीकात्मक फोटो (सोर्स: इंटरनेट)
New Delhi: आज के डिजिटल युग में जब अचानक कोई मेडिकल इमरजेंसी आ जाए या पढ़ाई के खर्च से लेकर घर के जरूरी बिल तक चुकाने हो। सबसे पहले लोगों को याद आते हैं "इंस्टेंट लोन ऐप्स"
वो ऐप्स जो बिना ज्यादा कागजी कार्रवाई के चंद मिनटों में लोन देने का दावा करते हैं। लेकिन यही झटपट लोन देने वाले ऐप्स अब एक बड़ा संकट बनते जा रहे हैं।
कैसे फंसते हैं लोग इस जाल में?
इंस्टेंट लोन ऐप्स का सबसे बड़ा आकर्षण है- फटाफट पैसे का वादा। स्मार्टफोन, पहचान पत्र और एक तस्वीर से कुछ ही मिनटों में लोन मिल जाता है। कई ऐप्स तो महज 10 से 30 मिनट में पैसे अकाउंट में डाल देते हैं। लेकिन लोग अक्सर यह नहीं समझते कि इस सुविधा के बदले कितनी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।
फर्जी ऐप्स का मकड़जाल
हालांकि सिर्फ कुछ ही Apps RBI से रजिस्टर्ड NBFCs से जुड़े होते हैं, लेकिन बड़ी संख्या में फर्जी या संदिग्ध ऐप्स भी मौजूद हैं। ये ऐप्स आकर्षक विज्ञापन, हाई लिमिट और जल्दी लोन देने के नाम पर लोगों को फंसा लेते हैं। इन ऐप्स पर ब्याज दरें बहुत ऊंची होती हैं। साथ में इनके पीछे छिपे हुए चार्ज और कड़े नियम भी लागू होते हैं, जो ग्राहकों को शुरू में नहीं बताए जाते।
मानसिक तनाव से ब्लैकमेलिंग तक की नौबत
लोन न चुका पाने पर कर्जदारों को भारी पेनाल्टी, लगातार धमकियां और डेटा लीक जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई ऐप्स फोन की कॉन्टैक्ट लिस्ट तक पहुंच बना लेते है। दोस्तों और रिश्तेदारों को बदनाम करने वाले मैसेज भेजते हैं। कई मामलों में ग्राहक मानसिक अवसाद में चला जाता है। इससे आत्महत्या जैसी घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।
भोपाल का दर्दनाक मामला
साल 2023 में भोपाल में एक परिवार ने इंस्टेंट लोन ऐप्स की वजह से सामूहिक आत्महत्या कर ली। क्विक लोन ऐप्स के लगातार दबाव और ब्लैकमेलिंग से तंग आकर पति, पत्नी और दो मासूम बच्चों ने जान दे दी। मरने से पहले छोड़े गए चार पन्नों के सुसाइड नोट ने इस कर्ज जाल की भयावहता को उजागर किया। इस घटना के बाद RBI ने सख्त गाइडलाइंस जारी की थीं।
इंस्टेंट लोन ऐप्स के खतरे
क्या करें ताकि न फंसें इस जाल में?
Location : New Delhi
Published : 22 July 2025, 10:59 AM IST
Topics : EMI Instant Loan Trap Instant Loan App NBFC RBI