
टीएमसी बनाम बीजेपी (Img- Internet)
Kolkata: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में इस बार सियासी मुकाबला बेहद रोमांचक होता जा रहा है। सत्तारूढ़ टीएमसी और बीजेपी दोनों ही अपनी-अपनी जीत के बड़े दावे कर रहे हैं, लेकिन असल तस्वीर 65 से 70 ऐसी सीटों पर निर्भर मानी जा रही है जो इस बार गेमचेंजर साबित हो सकती हैं। वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर हुए बदलाव के बाद इन सीटों का महत्व और बढ़ गया है।
इस चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर जैसी हाई-प्रोफाइल सीटें सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। इसके अलावा उत्तर 24 परगना का मतुआ बेल्ट और मुर्शिदाबाद व मालदा के अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्र भी निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। पिछले चुनाव में इन क्षेत्रों में जीत का अंतर बेहद कम रहा था, जिससे इस बार हर वोट की अहमियत बढ़ गई है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस बार 2021 से भी बड़ी जीत का दावा किया है। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का कहना है कि बीजेपी 170 सीटों का आंकड़ा पार करेगी। दोनों दल अब बूथ स्तर तक अपनी रणनीति मजबूत करने में जुटे हैं।
7 अप्रैल तक राज्य में 90.83 लाख से ज्यादा नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। इनमें 27.83 लाख नाम ‘अंडर एडजुडिकेशन’ श्रेणी में हैं। यह बदलाव चुनावी समीकरण को सीधे प्रभावित कर सकता है, खासकर उन सीटों पर जहां जीत का अंतर पहले से ही कम रहा है।
टीएमसी के मजबूत गढ़ माने जाने वाले भवानीपुर में 51,005 नाम हटाए गए हैं। 2021 में यहां टीएमसी ने करीब 29 हजार वोटों से जीत दर्ज की थी, जबकि उपचुनाव में यह अंतर बढ़कर 58 हजार तक पहुंच गया था। ऐसे में वोटर कटौती का असर यहां भी देखने को मिल सकता है।
मुर्शिदाबाद में सबसे ज्यादा 4.55 लाख नाम हटाए गए हैं, जबकि कुल मिलाकर 7.49 लाख वोटर सूची से बाहर हो चुके हैं। मालदा में 4.59 लाख और दक्षिण 24 परगना में 10.91 लाख नाम हटाए गए हैं। ये सभी क्षेत्र टीएमसी के मजबूत माने जाते रहे हैं।
कोलकाता और आसपास के इलाकों में स्थिति और भी दिलचस्प है। यहां कई सीटों पर हटाए गए वोटरों की संख्या पिछले चुनाव के जीत के अंतर से ज्यादा है। उत्तर 24 परगना और नदिया जैसे जिलों में यह अंतर चुनावी नतीजों को पूरी तरह बदल सकता है।
आज बंगाल वोटर लिस्ट पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, चुनाव से पहले आएगा बड़ा फैसला?
उत्तर 24 परगना के मतुआ बेल्ट में बीजेपी नागरिकता और पहचान के मुद्दों को लेकर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। वहीं टीएमसी अपने पारंपरिक वोट बैंक को बचाए रखने की रणनीति पर काम कर रही है।
Location : Kolkata
Published : 14 April 2026, 8:02 AM IST