West Bengal Assembly Election 2026: अस्मिता, भ्रष्टाचार और ध्रुवीकरण… बंगाल चुनाव में क्या हैं बड़े मुद्दे

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा और 4 मई को नतीजे आएंगे। टीएमसी, भाजपा, लेफ्ट, कांग्रेस और AIMIM-AJUP गठबंधन के बीच यह मुकाबला राज्य की राजनीति की दिशा तय करेगा।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 21 April 2026, 3:41 PM IST

West Bengal Assembly Election 2026 को लेकर सियासी पारा चरम पर है। इस बार का चुनाव सिर्फ सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि बंगाल की भविष्य की राजनीति तय करने वाला बड़ा मुकाबला बन चुका है। दो चरणों में होने जा रहे इस चुनाव में हर पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी है, और अब नजरें टिकी हैं 4 मई के नतीजों पर।

दो चरणों में ‘महामुकाबला’

इस बार Election Commission of India ने चुनाव को दो चरणों में कराने का फैसला किया है, जो 2021 के मुकाबले काफी अलग है। पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर वोटिंग होगी, जिसमें उत्तर बंगाल और जंगलमहल के संवेदनशील इलाके शामिल हैं। दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर मतदान होगा, जिसमें दक्षिण बंगाल और Kolkata के अहम क्षेत्र शामिल हैं। 4 मई को नतीजे आएंगे और तय होगा कि 294 सीटों वाले इस राज्य में किसकी सरकार बनेगी।

किस पार्टी के लिए क्या दांव पर?

TMC: साख बचाने की चुनौती

Mamata Banerjee की अगुवाई वाली All India Trinamool Congress के लिए यह चुनाव बेहद अहम है। 15 साल की सत्ता को बचाने की चुनौती के साथ पार्टी भ्रष्टाचार के आरोपों और हालिया घटनाओं से पैदा हुए जनाक्रोश का सामना कर रही है। ‘लक्ष्मी भंडार’ जैसी योजनाएं और ‘बंगाली अस्मिता’ इसका मुख्य सहारा हैं।

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BJP: ‘मिशन बंगाल’ का टेस्ट

Bharatiya Janata Party इस बार पूरी ताकत के साथ मैदान में है। Narendra Modi के चेहरे और ‘भ्रष्टाचार मुक्त बंगाल’ के नारे के साथ पार्टी कानून-व्यवस्था और ध्रुवीकरण को बड़ा मुद्दा बना रही है। Suvendu Adhikari की भूमिका भी अहम मानी जा रही है।

लेफ्ट-कांग्रेस: अस्तित्व की लड़ाई

Communist Party of India (Marxist) और Indian National Congress इस बार वापसी की कोशिश में हैं। युवा चेहरों और आंदोलनों के सहारे ये पार्टियां फिर से जमीन तलाश रही हैं।

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AIMIM-AJUP: वोट बैंक में सेंध की कोशिश

Asaduddin Owaisi की All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen और हुमायूं कबीर की AJUP का गठबंधन मुस्लिम बहुल सीटों पर असर डाल सकता है, खासकर Murshidabad और Malda में।

चुनाव के बड़े मुद्दे

इस बार चुनाव कई बड़े मुद्दों के इर्द-गिर्द घूम रहा है। आरजी कर कांड ने स्वास्थ्य व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं वोटर लिस्ट विवाद और घुसपैठ का मुद्दा भाजपा जोर-शोर से उठा रही है। दूसरी ओर केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर टीएमसी ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ का आरोप लगा रही है।

किस दिशा में जाएगा बंगाल?

कुल मिलाकर, 2026 का यह चुनाव तय करेगा कि बंगाल में सत्ता की कमान किसके हाथ जाएगी और राज्य की राजनीति किस दिशा में बढ़ेगी। मुकाबला दिलचस्प है, समीकरण जटिल हैं और हर वोट बेहद अहम होने वाला है।

Location :  West Bengal

Published :  21 April 2026, 3:41 PM IST