
बारिश से मचेगा हाहाकार (Img: AI)
New Delhi: देश के कई हिस्सों में मानसून इस समय अपना रौद्र रूप दिखा रहा है। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक लगातार हो रही बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कहीं नदियां और नाले उफान पर हैं तो कहीं सड़कें पानी में डूबी हैं। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और मलबा खिसकने का खतरा बढ़ गया है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में पिछले 24 घंटे से बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने मंगलवार को कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए अलर्ट घोषित किया है।
हिमाचल प्रदेश में सोमवार रात से कई इलाकों में तेज बारिश हो रही है। खासकर कांगड़ा जिले में रात के दौरान हुई भारी बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। कई जगहों पर हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक इन जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कांगड़ा और सिरमौर में कई जगहों पर तेज बारिश होने का अनुमान है, जबकि मंडी में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय रहने के कारण राजस्थान के कई इलाकों में भी मंगलवार को भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने राज्य के कुछ हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई जा सकती है।
मानसून की सक्रियता को देखते हुए देश के 15 से ज्यादा राज्यों में मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। इनमें जम्मू-कश्मीर, पंजाब, उत्तराखंड, पश्चिमी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, दिल्ली, पश्चिमी राजस्थान, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, नगालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, तेलंगाना, गोवा, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और पुडुचेरी शामिल हैं।
मध्य प्रदेश में भी बारिश का दौर तेज होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक देश के मध्य हिस्से में बने कम दबाव के क्षेत्र का असर मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में देखने को मिलेगा। इसके चलते राज्य में 11 और 12 अगस्त को कई जगह भारी बारिश होने के आसार हैं। लगातार बारिश की वजह से निचले इलाकों में पानी भरने और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई गई है।
लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन का खतरा काफी बढ़ गया है। पहाड़ों से मलबा सड़क पर आने के कारण कई जगह यातायात प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा बारिश के दौरान पहाड़ी सड़कों पर फिसलन बढ़ जाती है और कई इलाकों में दृश्यता भी कम हो जाती है। इससे वाहन चालकों के लिए खतरा और बढ़ सकता है। निचले इलाकों में जलभराव के साथ नदी और नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने की आशंका है। कुछ संवेदनशील स्थानों पर अचानक बाढ़ की स्थिति भी बन सकती है।
मंगलवार को दिल्ली-NCR में भी मौसम बिगड़ने की संभावना है। उत्तर प्रदेश में सक्रिय मौसम प्रणाली के दिल्ली-NCR की ओर बढ़ने के कारण यहां कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना के चलते जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति देखकर ही घर से निकलने की सलाह दी गई है।
उत्तराखंड में पहाड़ से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक बारिश का दौर जारी है। देहरादून और हरिद्वार में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। देहरादून में नदी के किनारे बने दो भवनों के धराशायी होने की जानकारी सामने आई है। पर्वतीय क्षेत्रों में जगह-जगह भूस्खलन के कारण सड़क यातायात प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग ने मंगलवार को भी प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी आने वाले दिनों में मौसम खराब रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने 13 अगस्त के दौरान भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि यात्रा से पहले मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें। खासतौर पर पहाड़ी इलाकों में जाने वाले लोग मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही आने-जाने की योजना बनाएं।
Location : New Delhi
Published : 11 August 2026, 3:37 PM IST