
गांव का नाम बताने में शर्मिंदगी फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज
New Delhi: नाम में क्या रखा है? ये कहावत आपने कई बार सुनी होगी, लेकिन अगर किसी जगह का नाम ऐसा हो जिसे बोलने में ही शर्म महसूस हो, तो मामला थोड़ा अलग हो जाता है। कुछ ऐसा ही अजीब मामला स्वीडन के एक छोटे से गांव में देखने को मिला है।
गांव का नाम बताने में होती है शर्मिंदगी महसूस
स्वीडन का Fucke नाम का गांव इन दिनों अपने नाम की वजह से चर्चा में है। गांव वालों का कहना है कि उन्हें किसी को अपने गांव का नाम बताने में शर्मिंदगी महसूस होती है। इसकी वजह यह है कि गांव के नाम के शुरुआती अक्षर अंग्रेजी के एक अश्लील शब्द से मेल खाते हैं, जिसका अर्थ शारीरिक संबंध से जुड़ा माना जाता है।
गांव के लोगों ने नाम बदलने की मांग
ग्रामीणों की परेशानी सिर्फ लोगों के मजाक तक सीमित नहीं है। उनका दावा है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी इस नाम को आपत्तिजनक मान लेते हैं। कई बार पोस्ट, विज्ञापन या गांव से जुड़ी जानकारी शेयर करने में दिक्कत आती है, क्योंकि एल्गोरिद्म इस नाम को सेंसर कर देता है।
इसी परेशानी से तंग आकर गांव के लोगों ने नाम बदलने की मांग उठाई है। वे चाहते हैं कि गांव का नया नाम Dalsro, यानी शांत घाटी, रखा जाए। हालांकि अंतिम फैसला स्वीडन का नेशनल लैंड सर्वे विभाग करेगा। लेकिन नाम बदलना इतना आसान नहीं है।
इससे पहले भी स्वीडन के एक अन्य गांव Fjuckby के नाम बदलने की मांग खारिज की जा चुकी है। अधिकारियों का कहना था कि पुराने और ऐतिहासिक नामों को आसानी से बदला नहीं जा सकता। ऐसे में दशकों पुराने Fucke गांव के नाम के बदलने की संभावना भी कम मानी जा रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि गांव के नाम की वजह से उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है। दिलचस्प बात यह है कि
Location : New Delhi
Published : 30 May 2026, 2:25 PM IST
Topics : Social Media Censorship Sweden village