Vedanta Group ED Raid: अनिल अग्रवाल के ठिकानों पर ईडी की बड़ी रेड, बिजनेस जगत में मचा हड़कंप, जानिए क्या है पूरा मामला!

बिजनेस जगत से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के कई ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की है। फेमा नियमों के उल्लंघन से जुड़े इस मामले में ईडी की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 2 June 2026, 10:51 AM IST

New Delhi: बिजनेस जगत और कॉर्पोरेट गलियारों से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। देश के दिग्गज उद्योगपतियों में शुमार और वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के कई ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ताबड़तोड़ छापेमारी की है। दिल्ली समेत कई ठिकानों पर ईडी का सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। इस अचानक हुई कार्रवाई से व्यापारिक जगत में हड़कंप मच गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के नियमों के उल्लंघन से जुड़े एक मामले को लेकर की जा रही है। फिलहाल इस मामले पर वेदांता ग्रुप की तरफ से किसी आधिकारिक बयान या जवाब का इंतजार किया जा रहा है।

जानिए कब एक्शन में आता है FEMA और ED

प्रवर्तन निदेशालय (ED) फेमा (FEMA) के तहत कार्रवाई तब करता है, जब उसे किसी कंपनी, समूह या व्यक्ति द्वारा विदेशी मुद्रा के लेन-देन में नियमों के उल्लंघन का पुख्ता संदेह होता है। फेमा अधिनियम का मुख्य उद्देश्य भारत में विदेशी मुद्रा के रख-रखाव और उसके लेन-देन पर कड़ी निगरानी रखना है। इसके तहत आमतौर पर ऐसे मामलों पर एक्शन लिया जाता है जिनमें अवैध रूप से विदेशों में धन भेजना (हवाला), विदेश में अवैध रूप से संपत्ति खड़ी करना, या विदेशी निवेश (FDI) से जुड़े सरकारी नियमों की अनदेखी करना शामिल होता है। वेदांता ग्रुप के मामले में भी इन्हीं बिन्दुओं को केंद्र में रखकर जांच की जा रही है।

कितना बड़ा है वेदांता ग्रुप का कारोबार?

अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाला वेदांता ग्रुप भारत के कोर सेक्टर की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है। यह देश की सबसे बड़ी प्राथमिक एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी है। इसके अलावा, भारत की कुल जिंक (जस्ता) की जरूरत का लगभग 81 फीसदी अकेले इसी ग्रुप द्वारा उत्पादित किया जाता है। तेल और गैस क्षेत्र में भी इसका बड़ा दबदबा है और कंपनी 'केयर्न इंडिया' के जरिए बड़े पैमाने पर कच्चे तेल का उत्पादन करती है।

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2 लाख करोड़ के निवेश प्लान के बीच झटका

यह छापेमारी ऐसे समय में हुई है जब वेदांता ग्रुप भारत में एक बहुत बड़ा दांव खेलने की तैयारी में है। ग्रुप ने आने वाले कुछ सालों में देश के भीतर लगभग ₹2 लाख करोड़ का भारी-भरकम निवेश करने का खाका तैयार किया है। इस महत्वाकांक्षी निवेश योजना के बीच प्रवर्तन निदेशालय की इस बड़ी कार्रवाई को ग्रुप के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है। अब देखना होगा कि ईडी की इस जांच में आगे क्या तथ्य निकलकर सामने आते हैं।

Location :  New Delhi

Published :  2 June 2026, 10:51 AM IST