केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज 1 फरवरी 2026 को लगातार नौवीं बार आम बजट पेश करेंगी। सैलरीड और मिडिल क्लास, महिलाओं, कारोबारियों को राहत की उम्मीद है। जानिए बजट 2026 से जुड़ी बड़ी चुनौतियां और उम्मीदें।

बजट 2026
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ‘एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज’ पर एक हाई-पावर्ड स्टैंडिंग कमेटी बनाने का प्रस्ताव रखा। यह कमेटी सर्विस सेक्टर को विकसित भारत का प्रमुख चालक बनाने, रोजगार और निर्यात बढ़ाने तथा AI जैसी उभरती तकनीकों से जुड़ी नौकरियों और कौशल जरूरतों पर सुझाव देगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त बजट 2026 पेश करते हुए देश में सात नये हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की।
केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भविष्य के चैंपियन तैयार करने के उद्देश्य से 10,000 करोड़ रुपये का MSME ग्रोथ फंड बनाया जाएगा। इस फंड से छोटे और मध्यम उद्योगों को विस्तार और नवाचार में मदद मिलेगी।
Union Budget 2026-27 पेश करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार बड़े पैमाने पर सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। 5 लाख से अधिक आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों पर खास ध्यान दिया जाएगा, जो अब नए ग्रोथ सेंटर बन चुके हैं।
Union Budget 2026 में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रणनीतिक और उभरते क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने के लिए कई नई योजनाओं का प्रस्ताव रखा। इसमें Biopharma SHAKTI, India Semiconductor Mission 2.0, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम शामिल है। इसके अलावा ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर, तीन केमिकल पार्क और 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टर्स को पुनर्जीवित करने की योजना भी पेश की गई है।
Union Budget 2026 में वस्त्र उद्योग के लिए एकीकृत कार्यक्रम पेश किया गया है। खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू होगी। कौशल और आधुनिकता के लिए समर्थ 2.0 मिशन लाया जाएगा, जबकि प्राकृतिक और न्यू-एज फाइबर में आत्मनिर्भरता के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना लागू की जाएगी।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आत्मनिर्भरता को मार्गदर्शक मानते हुए सरकार ने घरेलू मैन्युफैक्चरिंग, ऊर्जा सुरक्षा और जरूरी आयात पर निर्भरता कम की है। सुधारों से रोजगार बढ़ा, कृषि उत्पादकता सुधरी और करीब 7% की उच्च विकास दर हासिल हुई, जिससे गरीबी घटाने में मदद मिली।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का संसद में बजट 2026-27 भाषण शुरू।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण थोड़ी ही देर में संसद में केंद्रीय बजट पेश करेंगी। बजट को लेकर देशभर की जनता, कारोबार जगत और बाजारों की निगाहें टिकी हुई हैं।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बजट से पहले कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर और विकसित भारत की नींव मजबूत करेगा। उनके मुताबिक बजट में किसानों, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और विकास से जुड़े अहम कदम देखने को मिलेंगे।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने संसद में बजट पेश होने से पहले सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में उन्हें बजट से किसी भी तरह की बड़ी राहत या सकारात्मक बदलाव की उम्मीद नहीं है।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आम बजट को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह बजट उम्मीदों से भरा होगा और भारत को आगे ले जाने वाला ऐतिहासिक बजट साबित होगा। रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री का रिफॉर्म एक्सप्रेस पूरी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।
बजट से पहले सरकार पर निशाना साधते हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि जिस सरकार से जनता को पहले से ही उम्मीद नहीं है, उसके बजट से भी किसी बड़े राहत की अपेक्षा नहीं की जा सकती। उन्होंने बजट को लेकर निराशा जताई।
संसद भवन में कैबिनेट की अहम बैठक शुरू हो गई है। इस बैठक में केंद्रीय बजट को औपचारिक मंजूरी दी जाएगी। मंजूरी के बाद बजट को संसद में पेश किया जाएगा, जिस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद भवन पहुंच गए हैं। आज बजट 2026 पेश किया जाना है, जिस पर देश की जनता और बाजारों की खास नजर बनी हुई है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी बजट 2026 पेश करने से पहले संसद पहुंचे।
बजट 2026 पेश करने से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को दही-चीनी खिलाई। यह बजट से पहले निभाई जाने वाली पारंपरिक रस्म मानी जाती है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी राष्ट्रपति भवन पहुंचे। यहां द्रौपदी मुर्मू को बजट की प्रति सौंपी गई। सीतारमण का यह लगातार 9वां बजट है, जिससे जनता को बड़ी उम्मीदें हैं।
बजट 2026 आज संसद में पेश किया जाना है। इससे पहले केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण राष्ट्रपति भवन पहुंचीं। यहां वे राष्ट्रपति को बजट की प्रति सौंपेंगी, जिसे बजट प्रक्रिया की अहम परंपरा माना जाता है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट से जुड़ी औपचारिक प्रक्रिया के तहत राष्ट्रपति भवन के लिए रवाना हुईं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Img Source: google)
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपनी टीम के साथ वित्त मंत्रालय के बाहर बजट टैबलेट के साथ पोज़ दिया। यह पल बजट 2026 की औपचारिक प्रक्रिया और अंतिम तैयारियों का प्रतीक माना जा रहा है।
बजट 2025 में बिहार को ग्रीन पटना एयरपोर्ट, बिहटा एयरपोर्ट के विस्तार और ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की घोषणाएं मिली थीं। अब Budget 2026 से भी राज्य को बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और निवेश से जुड़ी नई विकास परियोजनाओं की उम्मीद है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज कर्तव्य भवन पहुंचीं। यहां वे केंद्रीय बजट 2026 से जुड़ी अहम बैठकों और औपचारिक प्रक्रियाओं में शामिल होंगी।
पिछले बजट में तकनीकी वस्त्रों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने शटल-रहित करघा मशीनरी को सीमा शुल्क से छूट दी थी और बुने वस्त्रों पर शुल्क संशोधित किया था। अब Union Budget 2026 में टेक्सटाइल सेक्टर के लिए नए प्रोत्साहन की उम्मीद जताई जा रही है।
सरकार ने वित्त वर्ष 2026 में राजकोषीय घाटा घटाकर 4.4 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। वित्त वर्ष 2025 में यह 4.8 प्रतिशत अनुमानित था। MSME सेक्टर को मजबूती देने के लिए गारंटी लोन की सीमा 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दी गई है।
New Delhi: निर्मला सीतारमण आज यानी 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय बजट पेश करने जा रही हैं। यह लगातार नौवां मौका होगा जब वह पूर्णकालिक बजट प्रस्तुत करेंगी। खास बात यह है कि देश के इतिहास में यह दूसरी बार है जब आम बजट रविवार के दिन संसद में पेश किया जा रहा है। ऐसे में बजट 2026 को लेकर सैलरीड क्लास, मिडिल क्लास, महिलाओं, किसानों और कारोबारियों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।
यह बजट ऐसे समय में पेश हो रहा है, जब भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और अगले दो वर्षों में तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है। सरकार का लक्ष्य 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने का है, जिसके लिए लगातार 8 प्रतिशत या उससे अधिक की जीडीपी ग्रोथ बेहद जरूरी मानी जा रही है। हालांकि, वैश्विक चुनौतियां और अमेरिका के हाई टैरिफ जैसे मुद्दे इस लक्ष्य को और कठिन बना रहे हैं।
बजट 2026 में वित्त मंत्री के सामने सबसे बड़ी चुनौती आर्थिक रफ्तार को बनाए रखने की होगी। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती देना, निजी और विदेशी निवेश को बढ़ावा देना और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। भारत भले ही इस समय दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में गिना जा रहा हो, लेकिन इस ग्रोथ को स्थायी बनाने के लिए ठोस नीतिगत फैसलों की जरूरत है।
हर साल की तरह इस बार भी मिडिल क्लास और सैलरीड वर्ग की नजरें इनकम टैक्स में राहत पर टिकी हुई हैं। टैक्स स्लैब में बदलाव, स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने और टैक्स बचत के नए विकल्पों की उम्मीद की जा रही है। बढ़ती महंगाई के बीच आम आदमी को बजट से सीधी राहत मिलने की आस है।
बजट 2026 से महिलाओं के लिए रोजगार, स्किल डेवलपमेंट और स्टार्टअप से जुड़ी योजनाओं को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। वहीं कृषि क्षेत्र में किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई, भंडारण और तकनीक पर निवेश बढ़ाने की मांग लंबे समय से उठ रही है। कारोबारियों और उद्योग जगत को टैक्स सरलीकरण, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहन देने वाले ऐलानों का इंतजार है।
इसके अलावा स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्रों की भी अपनी अलग जरूरतें हैं। महामारी के बाद हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना, शिक्षा में डिजिटल सुविधाओं का विस्तार और सड़क, रेलवे व शहरी विकास पर खर्च बढ़ाना बजट के अहम एजेंडे हो सकते हैं।
बजट 2026 को सिर्फ सालाना आय-व्यय का दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत की दीर्घकालिक विकास रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। यह बजट तय करेगा कि आने वाले वर्षों में देश किस दिशा में आगे बढ़ेगा और 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने की राह कितनी मजबूत होगी।