तमिलनाडु में 2 साल की पार्टी TVK ने 64 साल पुरानी द्रविड़ राजनीति की उड़ाईं धज्जियां

तमिलनाडु की राजनीति में ऐसा उलटफेर हुआ है, जिसने सबको चौंका दिया। एक्टर विजय की नई पार्टी ने दो साल में वह कर दिखाया, जो दशकों से कोई नहीं कर पाया। द्रविड़ राजनीति के इस बड़े बदलाव के पीछे की असली वजह जानिये।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 5 May 2026, 1:06 PM IST

Chennai: तमिलनाडु की राजनीति में 2026 के विधानसभा चुनाव ने ऐसा परिणाम दिया है, जिसने दशकों से कायम द्रविड़ राजनीतिक ढांचे को हिला कर रख दिया है। अभिनेता से नेता बने विजय थलापति की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK), जिसे उन्होंने सिर्फ दो साल पहले 2024 में बनाया था, अब राज्य की सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी है।

107 सीटों के साथ TVK ने न केवल सभी को चौंकाया, बल्कि सत्ता के समीकरण भी पूरी तरह बदल दिए हैं।

द्रमुक और अन्नाद्रमुक की गिरती पकड़

1967 से लेकर 2021 तक तमिलनाडु की राजनीति द्रमुक और अन्नाद्रमुक के बीच घूमती रही। लेकिन इस बार तस्वीर पूरी तरह बदल गई। द्रमुक केवल 60 सीटों तक सिमट गई, जबकि अन्नाद्रमुक 47 सीटों पर रह गई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह नतीजा द्रविड़ राजनीति के लंबे प्रभुत्व के अंत की शुरुआत हो सकता है।

सीएम स्टालिन को भी मिली करारी शिकस्त

सबसे बड़ा राजनीतिक उलटफेर कोलाथुर सीट पर देखने को मिला, जहां मुख्यमंत्री एमके स्टालिन खुद चुनाव हार गए। TVK उम्मीदवार वीएस बसु ने उन्हें 8,795 वोटों के बड़े अंतर से हराकर सभी को चौंका दिया। यह नतीजा डीएमके के लिए सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है।

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विजय का सफर: फिल्मी पर्दे से सत्ता तक

विजय थलापति ने 10 साल की उम्र में अभिनय की शुरुआत की थी और 68 से अधिक फिल्मों में काम किया। उनकी फिल्मों में भ्रष्टाचार और सिस्टम के खिलाफ संदेश ने उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय बना दिया। थुप्पक्की, कथ्थी और सरकार जैसी फिल्मों ने उन्हें एक “जननायक” की छवि दी, जिसका असर राजनीति में साफ दिखा।

संकट से उभरकर बना जननेता

2025 में करूर में हुई भगदड़ में 41 लोगों की मौत के बाद विजय पर सवाल उठे, लेकिन उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर स्थिति बदल दी।

शहरों में TVK का दबदबा

चेन्नई, कोयंबटूर, मदुरै और त्रिची जैसे बड़े शहरों में TVK ने शानदार प्रदर्शन किया। चेन्नई की सभी 16 सीटों पर जीत हासिल कर पार्टी ने शहरी मतदाताओं को अपने पक्ष में कर लिया। वहीं ग्रामीण इलाकों में अन्नाद्रमुक ने कुछ सीटें बचाई, लेकिन प्रभाव सीमित रहा।

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नई राजनीति की शुरुआत?

इस चुनाव ने पहली बार त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति पैदा कर दी है, जहां किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। TVK 107 सीटों के साथ सबसे आगे है, लेकिन सरकार बनाने के लिए गठबंधन जरूरी होगा। राजनीतिक जानकार इसे तमिलनाडु की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत मान रहे हैं, जहां पारंपरिक दलों का प्रभाव तेजी से घट रहा है।

जनता के वादों ने बदला खेल

TVK ने चुनाव में गरीब परिवारों की बेटियों के लिए 10 ग्राम सोना और 1 लाख रुपये की आर्थिक मदद जैसे वादे किए थे। युवा और महिलाओं ने इन वादों पर भरोसा जताया, जिसने पार्टी की जीत में बड़ी भूमिका निभाई।

Location :  Chennai

Published :  5 May 2026, 12:59 PM IST