
सत्य निकेतन बिल्डिंग कांड में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश (Image: Dynamite News)
New Delhi: दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने से हुई 7 लोगों की मौत के बाद अब प्रशासन ने सख्त कदम उठाना शुरू कर दिया है। हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने पूरी दिल्ली में इमारतों की सुरक्षा जांच कराने के आदेश जारी कर दिए हैं। वहीं, इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रॉपर्टी मालिक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट भी 10 सितंबर को इस मामले पर सुनवाई करेगा।
सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने सभी जोन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियरों (बिल्डिंग) को अपने-अपने इलाकों में इमारतों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को 10 सितंबर तक जांच रिपोर्ट सौंपनी होगी। इस रिपोर्ट में उन इमारतों की जानकारी शामिल होगी, जो लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं। MCD की ओर से जुटाई गई जानकारी को दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल किए जाने वाले हलफनामे में भी शामिल किया जाएगा। इस मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर को होनी है।
पुलिस के मुताबिक, सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने के मामले में प्रॉपर्टी मालिक उर्मिला गुप्ता, उनके पति हरिराम गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि प्रॉपर्टी उर्मिला गुप्ता के नाम पर दर्ज है, लेकिन उसका संचालन पति और बेटे के जिम्मे था। तीनों आरोपियों को सोमवार रात पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने हरिराम और उर्मिला गुप्ता को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि महेश गुप्ता को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। इसके अलावा पुलिस PG संचालकों और लेबर कॉन्ट्रैक्टर की भूमिका की भी जांच कर रही है।
सत्य निकेतन हादसे में राहत और बचाव अभियान करीब 28 घंटे तक चला। इस दौरान मलबे से 12 लोगों को बाहर निकाला गया। हादसे में अभिषेक कुमार, अर्पित जाज, युवराज सोनी, पवन कुमार, सुरेंद्र सिंह, अक्षत सिंह और परम लाल कोरी की मौत हो गई। वहीं, तीन घायलों की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।
हादसे के बाद MCD ने लापरवाही के आरोपों को देखते हुए साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार को सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही चार इंजीनियरिंग अधिकारियों पर भी विभागीय कार्रवाई पूरी होने तक निलंबन की कार्रवाई की गई है। अब IAS अधिकारी शाश्वत सौरभ को साउथ जोन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
सत्य निकेतन इलाके में करीब 300 मकान हैं, जिनमें से लगभग 170 मकानों में PG चल रहे हैं। यह इलाका पहले झुग्गीवासियों के पुनर्वास के लिए बसाया गया था, लेकिन समय के साथ यहां बड़ी संख्या में छात्र रहने लगे। अर्बन प्लानिंग विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली की कई पुरानी इमारतें अतिरिक्त मंजिलों का भार उठाने के लिए तैयार नहीं हैं। ऐसे में नियमित जांच और अवैध निर्माण पर कार्रवाई बेहद जरूरी है।
Location : New Delhi
Published : 8 September 2026, 4:06 PM IST