
सुप्रीम कोर्ट का सख्त संदेश (Img: Pinterest)
New Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और पुलिस की कार्रवाई से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुनवाई की। कोर्ट ने साफ कहा कि कोई भी कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर ही की जानी चाहिए। जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि न तो जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने वाले पुलिसकर्मियों को बचाया जाना चाहिए और न ही छात्र विरोध-प्रदर्शन की आड़ में हिंसा करने वालों को संरक्षण दिया जाना चाहिए।
सुनवाई के दौरान, वरिष्ठ वकीलों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR और पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठाए। याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने तर्क दिया कि कई छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों का उनके भविष्य पर असर पड़ सकता है। पुलिस द्वारा जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग और पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग भी की गई।
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सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि सरकार अपने पुराने वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अपनाई जाने वाली प्रक्रिया पूरी तरह से कानून के अनुसार होगी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सिर्फ FIR वापस लेना कानूनी रूप से संभव नहीं है, इसके बजाय हर मामले में स्थापित नियमों के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।
कार्यवाही के दौरान, जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि सबसे पहले दर्ज FIR की कुल संख्या का पता लगाया जाना चाहिए। इसके बाद आपराधिक रिकॉर्ड वाले व्यक्तियों और बिना किसी ऐसे इतिहास वाले छात्रों के बीच अंतर किया जाना चाहिए। कोर्ट का मानना है कि इन दोनों श्रेणियों के मामलों को अलग-अलग नजरिए से देखा जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) या उच्च-स्तरीय समिति के गठन का भी सुझाव दिया। कोर्ट ने कहा कि अगर SIT का गठन किया जाता है, तो इसकी अध्यक्षता किसी पूर्व जज को करनी चाहिए ताकि जांच पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी हो।
सुनवाई के समापन पर, जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि न्याय का मतलब दोनों पक्षों के साथ समान व्यवहार करना है। अगर किसी पुलिस अधिकारी ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इसके विपरीत, अगर किसी ने छात्र विरोध-प्रदर्शन की आड़ में कानून तोड़ा है, तो उनके प्रति भी कोई नरमी नहीं बरती जानी चाहिए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कानून सभी पर समान रूप से लागू होता है।
Location : New Delhi
Published : 3 August 2026, 4:29 PM IST