सुधाकर दलेला नेपाल में भारत के अगले नए राजदूत नियुक्त, जानिए उनका सफरनामा

भारत ने वरिष्ठ राजनयिक सुधाकर दलेला को नेपाल में अपना अगला राजदूत नियुक्त किया है। 1993 बैच के IFS अधिकारी दलेला भूटान में भारत के राजदूत रह चुके हैं और नेपाल से जुड़े मामलों का भी लंबा अनुभव रखते हैं।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 16 October 2026, 8:28 PM IST
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New Delhi: भारत ने नेपाल में अपने अगले राजदूत के रूप में वरिष्ठ राजनयिक सुधाकर दलेला को नियुक्त किया है। 1993 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी दलेला फिलहाल विदेश मंत्रालय में सचिव (आर्थिक संबंध) की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। नेपाल और भूटान के साथ भारत के रिश्तों पर काम करने का उनका पुराना अनुभव है।

नेपाल से पुराने रिश्ते, अब नई जिम्मेदारी

सुधाकर दलेला का नाम उन राजनयिकों में शामिल है, जिन्होंने भारत के पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को करीब से समझा है। विदेश मंत्रालय में उन्होंने उत्तर विभाग के निदेशक और बाद में संयुक्त सचिव के तौर पर काम किया। इन दोनों भूमिकाओं में नेपाल और भूटान के साथ भारत के संबंध उनकी जिम्मेदारियों का अहम हिस्सा रहे।

दलेला ने 1993 में भारतीय विदेश सेवा में प्रवेश किया था। उनके राजनयिक सफर की शुरुआत इजरायल के तेल अवीव से हुई। इसके बाद उन्होंने ब्रासीलिया, शिकागो, ढाका, जिनेवा, थिम्पू और वाशिंगटन डीसी में भारतीय मिशनों में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं।

नेपाल में उनकी नियुक्ति ऐसे समय में अहम मानी जा रही है, जब दोनों पड़ोसी देशों के बीच सहयोग और आपसी संबंधों को आगे बढ़ाने में कूटनीति की महत्वपूर्ण भूमिका है।

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भूटान में भी संभाल चुके हैं भारत की कमान

दलेला का पड़ोसी देशों से जुड़ा अनुभव सिर्फ नेपाल तक सीमित नहीं है। उन्होंने 2022 से 2025 तक भूटान में भारत के राजदूत के रूप में काम किया। इस दौरान उन्हें भारत के एक अहम पड़ोसी के साथ द्विपक्षीय संबंधों को संभालने का अनुभव मिला। उनका यह अनुभव नेपाल में नई जिम्मेदारी निभाने में भी काम आ सकता है।

प्रधानमंत्री कार्यालय से लेकर विदेश मंत्रालय तक अहम भूमिकाएं

सुधाकर दलेला ने नई दिल्ली में भी कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। 2009 से 2011 तक वह प्रधानमंत्री कार्यालय में निदेशक रहे। इस दौरान उनकी जिम्मेदारियों में दक्षिण एशियाई पड़ोसी देशों, पूर्वी एशिया, हिंद-प्रशांत क्षेत्र, खाड़ी देशों, मध्य पूर्व और अफ्रीका के साथ भारत के संबंधों से जुड़े विषय शामिल थे।

इससे पहले, 2006 से 2007 तक उन्होंने विदेश मंत्रालय में निदेशक (उत्तर) के रूप में काम किया। इसके बाद 2016 से 2019 तक वह संयुक्त सचिव (उत्तर) रहे। इन पदों पर उनके काम ने उन्हें भारत की पड़ोसी देशों से जुड़ी विदेश नीति का गहरा अनुभव दिया।

व्यापार और आर्थिक कूटनीति में भी मजबूत पकड़

दलेला के करियर का एक बड़ा हिस्सा व्यापार और आर्थिक संबंधों से जुड़ा रहा है। उन्होंने वाणिज्य विभाग में निदेशक (व्यापार नीति) के तौर पर काम किया और विश्व व्यापार संगठन (WTO) में भारत के स्थायी मिशन में दो बार जिम्मेदारियां निभाईं। 2014 से 2016 तक वह WTO में भारत के उप स्थायी प्रतिनिधि रहे।

अमेरिका में भी उन्होंने कई अहम पद संभाले। शिकागो में भारत के महावाणिज्य दूत के रूप में काम करने के अलावा, 2011 से 2014 तक उन्होंने राजनीतिक मामलों के मंत्री की जिम्मेदारी निभाई। 2020 से 2022 तक वह वाशिंगटन डीसी स्थित भारतीय दूतावास में उप मिशन प्रमुख रहे।

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आर्थिक संबंधों से नेपाल तक का सफर

दलेला ने 1 सितंबर 2025 को विदेश मंत्रालय में सचिव (आर्थिक संबंध) का पद संभाला था। इस पद पर वह भारत की आर्थिक कूटनीति, ग्लोबल साउथ के देशों के साथ विकास साझेदारी, अफ्रीका के साथ संबंध, बहुपक्षीय आर्थिक सहयोग और उभरती रणनीतिक तकनीकों से जुड़े सहयोग की देखरेख करते हैं।

वह BRICS, IBSA और I2U2 के लिए भारत के शेरपा के रूप में भी काम करते हैं। इन जिम्मेदारियों ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय सहयोग और आर्थिक साझेदारी से जुड़े मामलों में व्यापक अनुभव दिया है। भारतीय विदेश सेवा में आने से पहले दलेला ने इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की थी।

Location :  New Delhi

Published :  16 October 2026, 8:28 PM IST

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