अंदर अंधेरा, जहरीली गैस और 20 जिंदगियां: सिक्किम टनल हादसे में अब तक 7 मजदूरों की मौत, रेस्क्यू के लिए बुलाई गई स्पेशल टीम

सिक्किम के नामची में निर्माणाधीन टनल पर भयानक लैंडस्लाइड! हादसे में 7 मजदूरों की मौत, 20 अब भी सुरंग के अंदर फंसे। जहरीली मीथेन गैस के रिसाव से रेस्क्यू टीम के कई लोग बेहोश। राहत कार्य जारी, पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 21 July 2026, 9:41 AM IST

New Delhi: सिक्किम के नामची जिले से एक बेहद खौफनाक और दुखद खबर सामने आई है। मामरिंग स्थित समरदुंग में तीस्ता स्टेज-6 हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट के लिए बन रही एक सुरंग पर अचानक भीषण भूस्खलन (लैंडस्लाइड) हो गया।

टनल के मुहाने पर भारी मात्रा में मलबा गिरने से उसका एंट्री गेट पूरी तरह बंद हो गया, जिससे अंदर काम कर रहे करीब 27 मजदूर वहीं फंस गए। दर्दनाक हादसे में 7 मजदूरों की जान चली गई है, जबकि 20 मजदूर अब भी जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।

जहरीली मीथेन का खौफ: बचाने गए रेस्क्यूअर भी पड़े पस्त

हादसे के बाद बचाव कार्य तो तुरंत शुरू कर दिया गया, लेकिन रेस्क्यू टीम के सामने एक बहुत बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। भूस्खलन के कारण चट्टानों की परतों से जहरीली मीथेन गैस का रिसाव होने लगा।

सुरंग के अंदर ऑक्सीजन की कमी, घुप अंधेरा और जहरीली गैस की वजह से फंसे हुए लोगों तक पहुंचना नामुमकिन सा लग रहा है। यहां तक कि जब बचावकर्मी अंदर जाने लगे, तो दम घुटने और चक्कर आने के कारण कई कर्मी मौके पर ही बेहोश हो गए।

जम्मू-कश्मीर के पुंछ में कुदरत का कहर; भारी बारिश और लैंडस्लाइड से 7 लोगों की मौत

पश्चिम बंगाल से पहुंची स्पेशल रेस्क्यू टीम

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ NDRF, SDRF, सिक्किम पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों को काम पर लगाया गया है। जहरीली गैस से निपटने और सुरंग के अंदर फंसे लोगों को निकालने के लिए पश्चिम बंगाल से स्पेशल रेस्क्यू टीम बुलाई गई है, जो आधुनिक गैस-रोधी उपकरणों और स्पेशल मास्क से लैस है। मौके पर दर्जनों एम्बुलेंस तैनात रखी गई हैं ताकि बाहर निकाले जाने वाले मजदूरों को तुरंत मेडिकल मदद दी जा सके।

Weather Update: अगले 7 दिन संभल कर रहें! पहाड़ों पर लैंडस्लाइड तो मैदानों में आसमानी बिजली का कहर, IMD ने जारी की बड़ी चेतावनी

पटेल इंजीनियरिंग और NHPC के वर्कर थे तैनात

जिला कलेक्टर अनुपा तामलिंग ने बताया कि दोपहर करीब 3:40 बजे आपातकालीन कॉल के जरिए हादसे की सूचना मिली थी। फंसे हुए 27 मजदूरों में से 21 पटेल इंजीनियरिंग और 6 NHPC के कर्मचारी बताए जा रहे हैं। फिलहाल पूरा प्रशासन, SSDMA और स्वास्थ्य विभाग एकजुट होकर एक-एक सेकंड की कीमत समझते हुए जिंदगी बचाने की जंग में जुटा हुआ है।

Location :  New Delhi

Published :  21 July 2026, 9:40 AM IST