जिन्दल फाउंडेशन की चेयरपर्सन शालू जिन्दल ‘सीएसआर पर्सन ऑफ द ईयर’ अवॉर्ड से सम्मानित

जिन्दल फाउंडेशन की #HerKadam पहल अब तक 2,300 से अधिक वंचित गांवों तक पहुंच चुकी है। लाखों किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को स्वास्थ्य व पोषण संबंधी सहायता मिली है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 21 October 2026, 1:36 PM IST
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New Delhi: महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षित मातृत्व और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में काम करने वाली जिन्दल फाउंडेशन की चेयरपर्सन शालू जिन्दल को खास सम्मान से नवाजा गया है। शालू जिन्दल को 19वें इंडिया सीएसआर लीडरशिप समिट एंड अवॉर्ड्स 2026 में ‘सीएसआर पर्सन ऑफ द ईयर’ अवॉर्ड मिला है। लेकिन इस सम्मान के पीछे की कहानी सिर्फ एक पुरस्कार तक सीमित नहीं है। इसके पीछे लाखों महिलाओं, किशोरियों और बच्चों तक पहुंची मदद की एक बड़ी पहल है।

2,300 से ज्यादा गांवों तक पहुंची #HerKadam पहल

शालू जिन्दल के नेतृत्व में जिन्दल फाउंडेशन की प्रमुख पहल #HerKadam अब तक 2,300 से अधिक वंचित गांवों तक पहुंच चुकी है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, पोषण, सुरक्षित मातृत्व और आर्थिक अवसरों से जोड़ना है, ताकि वे अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।

इस पहल के तहत अब तक 9 लाख से अधिक किशोरियों को एनीमिया की जांच, उपचार और परामर्श के जरिए सहायता दी गई है। वहीं, 8.9 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं और हाल ही में मां बनी महिलाओं को प्रसव से पहले और बाद में जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

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कुपोषण से जूझ रहे बच्चों के लिए भी अहम कदम

महिलाओं के स्वास्थ्य के साथ-साथ बच्चों के पोषण पर भी इस पहल के तहत खास ध्यान दिया गया है। कार्यक्रम के दौरान गंभीर कुपोषण से प्रभावित जिन बच्चों की पहचान हुई, उनमें से 90 प्रतिशत से अधिक बच्चों को स्वस्थ पोषण स्तर की ओर बढ़ने में मदद मिली है।

आंकड़ों के मुताबिक, #HerKadam के माध्यम से अब तक स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी सहायता 1.2 करोड़ से अधिक बार उपलब्ध कराई जा चुकी है। यह पहल किशोरियों, गर्भवती महिलाओं, नई माताओं और बच्चों की जरूरतों को ध्यान में रखकर काम कर रही है।

सामाजिक बदलाव में सहयोग और नई तकनीक पर चर्चा

इस साल आयोजित इंडिया सीएसआर लीडरशिप समिट का विषय था, ‘सीएसआर के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा: सामाजिक प्रभाव का दायरा बढ़ाने के लिए विचारों, तकनीक, पूंजी और साझेदारी को एक साथ लाना।’

समिट में उद्योग जगत के अग्रणी लोगों के साथ कॉरपोरेट और विकास क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में सामाजिक विकास से जुड़ी पहलों का विस्तार करने और विभिन्न संस्थाओं के बीच सहयोग को मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा हुई।

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महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

शालू जिन्दल को मिला यह सम्मान उनके निरंतर प्रयासों और संवेदनशील नेतृत्व का प्रतीक है। उनके नेतृत्व में जिन्दल फाउंडेशन के #HerKadam सहित कई कार्यक्रम महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और सशक्तिकरण की दिशा में काम कर रहे हैं। इन प्रयासों का मकसद केवल लोगों के जीवन में सुधार लाना नहीं, बल्कि महिलाओं और लड़कियों को बेहतर अवसर देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना भी है, ताकि वे अपने सपनों को पूरा कर सकें।

क्या करता है जिन्दल फाउंडेशन?

जिन्दल फाउंडेशन, जिन्दल स्टील की सामाजिक सेवा इकाई है। इसका उद्देश्य समुदायों के जीवन स्तर में स्थायी सुधार लाना और सभी वर्गों को समान अवसर देकर समावेशी विकास को बढ़ावा देना है।फाउंडेशन देशभर में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, जल एवं स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण बुनियादी ढांचे, कला एवं संस्कृति, खेल और सामाजिक समावेशन जैसे क्षेत्रों में काम करता है। इसके सभी प्रयास टिकाऊ और समावेशी विकास को बढ़ावा देने पर केंद्रित हैं।

Location :  New Delhi

Published :  21 October 2026, 1:36 PM IST

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