
सत्य निकेतन हादसा (Img- X)
New Delhi: देश की राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन में एक पांच मंजिला बॉयज पीजी (PG) की इमारत ढहने से हुए भयानक हादसे में 7 निर्दोष लोगों की जान चली गई। रविवार दोपहर को हुए इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने आरोपी मालिक हरिराम बंसल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया है, ताकि वह देश छोड़कर भाग न सके। साउथ कैंपस थाने में आरोपी के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या समेत कई संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि हादसा बिना किसी मंजूरी के कराए जा रहे बेसमेंट के काम की वजह से हुआ। करीब 55 वर्ग गज के छोटे से प्लॉट पर खड़ी यह 40-50 साल पुरानी इमारत बिना किसी स्वीकृत नक्शे के बनाई गई थी।
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बेसमेंट के निर्माण के दौरान इमारत की नींव कमजोर पड़ गई और रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे पूरी पांच मंजिला इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। एमसीडी के मुताबिक, भूखंड पर बिना इजाजत के चार मंजिलें और बेसमेंट बनाया गया था।
गुरुग्राम निवासी मकान मालिक हरिराम बंसल पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत लापरवाही और मानव जीवन को खतरे में डालने की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस उसकी पासपोर्ट डिटेल्स हासिल कर देश के सभी एयरपोर्ट्स को सतर्क कर चुकी है।
घटना की तह तक जाने के लिए मैजिस्ट्रेटी जांच के भी आदेश दे दिए गए हैं, जिससे यह पता लगाया जा सके कि जर्जर इमारत में खतरनाक निर्माण कार्य की अनुमति किसने दी थी।
सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी इमारत ढहने से हुई 7 लोगों की मौत के मामले पर दिल्ली हाई कोर्ट आज तत्काल सुनवाई करेगा। एक वकील द्वारा चीफ जस्टिस के समक्ष घटना की गंभीरता उठाते हुए अर्जेंट मेंशनिंग किए जाने के बाद कोर्ट ने इस जनहित के मुद्दे पर सुनवाई की मंजूरी दी है।
हादसे के बाद एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस और स्थानीय पुलिस ने युद्ध स्तर पर राहत व बचाव कार्य चलाया। मलबे से कई लोगों को सुरक्षित निकाला गया, लेकिन 6 लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी।
घायलों का एम्स ट्रॉमा सेंटर में इलाज जारी है। दिल्ली सरकार ने साफ किया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस हादसे के बाद अब पूरी दिल्ली में चल रहे अवैध पीजी और जर्जर इमारतों का सर्वे शुरू कर दिया गया है।
सत्या निकेतन हादसे में 6 लोगों की मौत के बाद फरार चल रहे PG मालिक हरिराम की तलाश तेज कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एडिशनल DCP के नेतृत्व में 10 विशेष टीमें गठित की हैं। पुलिस की टीमें दिल्ली, गुरुग्राम और उत्तर प्रदेश में आरोपी के संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं।
प्राथमिक जांच के मुताबिक, पुरानी इमारत के बेसमेंट में चल रही अवैध खुदाई के कारण मुख्य पिलर शिफ्ट हो गया, जिससे पूरी इमारत ढह गई। हादसे के बाद एमसीडी ने कड़ा रुख अपनाते हुए चार मंजिला से अधिक अवैध इमारतों को सील करने का बड़ा अभियान शुरू कर दिया है
Location : New Delhi:
Published : 7 September 2026, 12:18 PM IST