दिल्ली सत्य निकेतन हादसा: भगोड़े शुभम त्यागी का सरेंडर, क्या मोबाइल और रेंट एग्रीमेंट से सामने आएगा सच!

दिल्ली के सत्य निकेतन इमारत हादसे के मामले में फरार चल रहे पीजी संचालक शुभम त्यागी ने पटियाला हाउस कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है। एक दिन पहले ही अदालत ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अब दिल्ली पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के लिए उसकी कस्टडी की मांग की है।

Post Published By: Komal Chauhan
Updated : 11 September 2026, 7:28 PM IST

New Delhi: सत्य निकेतन इमारत हादसे के आरोपी शुभम त्यागी ने पटियाला हाउस कोर्ट पहुंचकर सरेंडर किया। वह इस मामले में फरार चल रहा था। इससे पहले पटियाला हाउस कोर्ट के एडिशनल सेशंस जज सौरभ प्रताप सिंह लालेर ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था।

अदालत ने जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान पाया कि शुभम त्यागी ने अपने आवेदन में एक महत्वपूर्ण जानकारी का उल्लेख नहीं किया था। उसके आवेदन में संबंधित रेंट एग्रीमेंट यानी किरायानामे की जानकारी छिपाने की बात सामने आई। इसके बाद अदालत ने उसकी अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया।

पुलिस ने मांगी दो दिन की कस्टडी

सरेंडर करने के बाद दिल्ली पुलिस ने शुभम त्यागी और उसके पार्टनर सुधांशु की दो दिन की पुलिस कस्टडी मांगी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच को आगे बढ़ाने के लिए दोनों आरोपियों से पूछताछ जरूरी है। जांच एजेंसी दोनों आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करना चाहती है। पुलिस का यह भी कहना है कि शुभम त्यागी के मोबाइल फोन की बरामदगी महत्वपूर्ण है। फोन से हादसे और पीजी के संचालन से जुड़े कुछ अहम तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

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6 सितंबर को ढह गई थी पांच मंजिला इमारत

यह पूरा मामला दिल्ली के सत्य निकेतन मार्केट में चल रहे ‘Hostel Daze’ नाम के पीजी से जुड़ा है। पांच मंजिला पीजी इमारत 6 सितंबर 2026 को अचानक ढह गई थी। इमारत गिरने के बाद मौके पर राहत और बचाव अभियान चलाया गया था। हादसे में कुल 7 लोगों की मौत हुई थी। मृतकों में पांच छात्र और दो मजदूर शामिल थे। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी और बड़ी संख्या में राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचा था।

ग्राउंड फ्लोर की दीवार तोड़ने का मामला

जांच में सामने आया है कि हादसे वाले दिन इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर एक दीवार तोड़ी जा रही थी। आरोप है कि यह काम व्यावसायिक लाभ के लिए कराया जा रहा था। जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि दीवार हटाने से इमारत की संरचना पर कितना असर पड़ा और क्या इसी वजह से भवन कमजोर होकर गिरा। इमारत के ढहने की घटना के बाद पीजी के संचालन, निर्माण और भवन की सुरक्षा से जुड़े नियमों को लेकर भी सवाल उठे हैं।

कई आरोपी पहले ही गिरफ्तार

इस मामले में पुलिस पहले ही कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें मकान मालिक का बेटा, एक अन्य पीजी संचालक और ठेकेदार समेत कई लोग शामिल हैं। पुलिस अब शुभम त्यागी से पूछताछ के जरिए यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि पीजी में निर्माण या तोड़फोड़ का काम किसके निर्देश पर कराया जा रहा था। साथ ही हादसे से पहले इमारत में क्या बदलाव किए गए थे और इसकी जानकारी संबंधित लोगों को थी या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।

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हादसे की जांच में जुटी पुलिस

सत्य निकेतन हादसे में सात लोगों की मौत के बाद पुलिस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। अब शुभम त्यागी के सरेंडर के बाद जांच में और तेजी आने की उम्मीद है। पुलिस उसकी भूमिका, पीजी संचालन से जुड़े दस्तावेजों और हादसे से पहले किए गए निर्माण कार्यों की जानकारी जुटाएगी। मामले में आगे की कार्रवाई अदालत के निर्देश और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर होगी।

Location :  New Delhi

Published :  11 September 2026, 7:28 PM IST