Rajiv Gandhi 35th Martyrdom Anniversary: देश के सबसे युवा पीएम जिन्होंने भारत में कंप्यूटर और टेलीकॉम क्रांति की रखी नींव

आज पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) की पुण्यतिथि है। वे भारतीय राजनीति में सबसे युवा प्रधानमंत्री बने और देश में कंप्यूटर तथा टेलीकॉम क्रांति लाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी दूरदर्शिता और साहसिक फैसलों ने भारत को नई दिशा दी। जानें उनके जीवन, योगदान और देश पर पड़े प्रभाव के बारे में, जो आज भी युवाओं और नेताओं के लिए प्रेरणा है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 21 May 2026, 11:01 AM IST

New Delhi: आज भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) की 35वीं पुण्यतिथि है। इस अवसर पर पूरा देश उन्हें याद कर रहा है और उनकी जीवन यात्रा और योगदान को श्रद्धांजलि दे रहा है। राजीव गांधी भारतीय इतिहास में सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री थे। उनका जन्म 20 अगस्त 1944 को हुआ था।

देश के सबसे युवा पीएम कैसे बने?

राजीव गांधी का राजनीति में आने का अनुभव अनिवार्य नहीं था। वे शुरू में पायलट बनकर एयरलाइन में काम कर रहे थे और उसी में खुश थे। राजनीति उनके लिए किसी योजना के तहत नहीं थी। लेकिन 1980 में उनके छोटे भाई संजय गांधी की आकस्मिक मृत्यु और अपने परिवार का समर्थन करने की आवश्यकता ने उन्हें राजनीति की राह पर ला खड़ा किया। संजय गांधी की लोकसभा सीट से राजीव सांसद बने और 1984 में अपनी मां, इंदिरा गांधी की हत्या के बाद देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने।

राजीव गांधी का कार्यकाल 1984 से 1989 तक रहा। इस दौरान उन्होंने कई ऐतिहासिक कदम उठाए, जिन्होंने भारत की दिशा और दशकों तक प्रभाव डाला। उन्होंने पंचायतों को सशक्त बनाने की पहल की, दूरसंचार और कंप्यूटर में क्रांति लाने की नींव रखी और युवाओं को 18 वर्ष की उम्र में मतदान का अधिकार दिया। उनकी दूरदर्शिता ने भारत को तकनीकी और सामाजिक क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ाया।

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कैसी रही पर्सनल लाइफ?

राजीव गांधी की पर्सनल लाइफ भी लोगों के लिए प्रेरणा रही। वे 1968 में सोनिया गांधी से शादी के बाद दो बच्चों राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के पिता बने उनका पेशेवर जीवन शुरू में पायलट के रूप में बीता, लेकिन जल्द ही उन्होंने देश की सेवा में अपना जीवन समर्पित कर दिया।

भारत में लागू की माइक्रो कंप्यूटर पॉलिसी

राजीव गांधी को कंप्यूटर क्रांति का अग्रदूत माना जाता है। उनके कार्यकाल में भारत में माइक्रो कंप्यूटर पॉलिसी लागू की गई। इसके तहत निजी कंपनियों को कंप्यूटर बनाने का अधिकार मिला और टेलीकॉम सेक्टर में बड़े बदलाव हुए। MTNL और BSNL जैसी कंपनियों की स्थापना उनके कार्यकाल की देन है। इस पहल ने भारत को डिजिटल युग में तेजी से प्रवेश दिलाया।

हालांकि, 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदुर में चुनाव प्रचार के दौरान LTTE के आत्मघाती हमले में उनकी हत्या कर दी गई। हमले में उनके साथ 14 अन्य लोगों की भी जान चली गई। उनके निधन ने पूरे देश को झकझोर दिया।

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राजीव गांधी ने अपने कार्यकाल में न केवल तकनीकी क्षेत्र में क्रांति लाने का कार्य किया बल्कि युवाओं और सामाजिक सुधारों पर भी ध्यान केंद्रित किया। उनके दूरदर्शी कदमों ने भारत को नई दिशा दी। उन्होंने भ्रष्टाचार और लालफीताशाही को कम करने के लिए कई सुधार भी किए।

राजीव गांधी की सोच और उनकी नीतियां आज भी देश के लिए मार्गदर्शक हैं। देश के युवा नेता और राजनीतिक दल उनके दृष्टिकोण से प्रेरणा लेते हैं। उनकी पुण्यतिथि पर याद करना केवल उनके व्यक्तित्व और योगदान का सम्मान नहीं है, बल्कि देश के भविष्य के लिए सीख लेने का भी अवसर है।

Location :  New Delhi

Published :  21 May 2026, 11:01 AM IST