Rahul Gandhi: सोनिया गांधी की किताब का कवर आया सामने, खुलेंगे जिंदगी के वो राज?

सोनिया गांधी के संस्मरण ‘Belonging: A Journey of Love’ का कवर जारी हो गया है। राहुल गांधी ने X पर किताब का कवर साझा किया। 544 पन्नों की यह किताब 10 नवंबर 2026 को रिलीज होगी, जिसमें सोनिया के निजी जीवन, पारिवारिक त्रासदियों और राजनीतिक सफर से जुड़े कई पहलुओं का जिक्र होगा।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 20 August 2026, 4:54 PM IST

New Delhi: पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष Sonia Gandhi के संस्मरण ‘Belonging: A Journey of Love’ का आधिकारिक कवर जारी हो गया है। किताब को लेकर राजनीतिक और साहित्यिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है। खास बात यह है कि Rahul Gandhi ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किताब का कवर शेयर करते हुए भावुक संदेश लिखा है।

10 नवंबर 2026 को रिलीज होगी किताब

सोनिया गांधी की यह किताब अमेरिकी प्रकाशक Alfred A. Knopf से प्रकाशित होगी। संस्मरण के 10 नवंबर 2026 को रिलीज होने की जानकारी सामने आई है। करीब 544 पन्नों की इस किताब में सोनिया गांधी के निजी जीवन के साथ-साथ उनके राजनीतिक सफर के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को जगह मिलने की बात कही गई है।

इटली से भारत तक का सफर

‘Belonging’ में सोनिया गांधी के जीवन के उस सफर को भी समझने का मौका मिलेगा, जो इटली के एक छोटे से शहर से शुरू होकर भारत तक पहुंचा। किताब में राजीव गांधी से उनकी मुलाकात, प्रेम और शादी से जुड़े अनुभवों का जिक्र होने की उम्मीद है।

सोनिया गांधी ने लंबे समय तक अपनी निजी जिंदगी को सार्वजनिक चर्चा से दूर रखा। ऐसे में उनके संस्मरण को उनके जीवन के निजी और भावनात्मक पहलुओं को करीब से जानने का एक महत्वपूर्ण माध्यम माना जा रहा है।

परिवार की त्रासदियों ने बदली जिंदगी

संस्मरण में गांधी परिवार से जुड़ी कई बड़ी त्रासदियों के असर का भी जिक्र है। संजय गांधी की विमान दुर्घटना में मौत, इंदिरा गांधी की हत्या और बाद में राजीव गांधी की हत्या ने सोनिया गांधी के जीवन को गहराई से प्रभावित किया।

इन घटनाओं के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया। किताब में बताया गया है कि कैसे निजी दुख और नुकसान के बीच वह धीरे-धीरे सार्वजनिक जीवन और राजनीति की ओर बढ़ीं।

राजनीति में आने से लेकर 2004 के फैसले तक

सोनिया गांधी के राजनीतिक सफर और कांग्रेस में उनकी भूमिका को भी संस्मरण में अहम स्थान मिलने की बात कही गई है। खास तौर पर 2004 के लोकसभा चुनाव के बाद प्रधानमंत्री पद स्वीकार न करने के उनके फैसले के पीछे की परिस्थितियों और सोच को लेकर भी किताब में जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

सोनिया गांधी ने किताब के संदर्भ में कहा है कि दुख और नुकसान ने ही उन्हें राजनीति की सार्वजनिक दुनिया में धकेला। इससे पहले वह अपनी निजता की बहुत कड़ाई से रक्षा करती थीं।

Location :  New Delhi

Published :  20 August 2026, 4:42 PM IST