NEET पेपर लीक केस में बड़ा अपडेट, CBI की अंतिम चार्जशीट में NTA अधिकारियों का नाम नहीं; 13 लोग पहले से आरोपी

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI अब एक हफ्ते के भीतर दूसरी और अंतिम चार्जशीट दाखिल कर सकती है। पहली चार्जशीट में 13 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है, जिनमें NTA द्वारा नियुक्त तीन Subject Experts भी शामिल हैं। अब जांच में सामने आए तीन अन्य आरोपियों और फॉरेंसिक रिपोर्ट को अंतिम चार्जशीट में शामिल किया जाएगा।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 4 October 2026, 1:03 PM IST

New Delhi: NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच अब अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंचती दिख रही है। पेपर लीक की परतें खोलने में जुटी केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI अब एक हफ्ते के भीतर दूसरी और अंतिम चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है। ताजा जानकारी के मुताबिक इस चार्जशीट में जांच के दौरान सामने आए तीन अन्य आरोपियों की भूमिका और फॉरेंसिक जांच से मिले निष्कर्ष शामिल किए जाएंगे।

पहली चार्जशीट में 13 आरोपी

CBI ने 28 जुलाई 2026 को पहली चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें कुल 13 आरोपियों को नामजद किया गया। इनमें NTA द्वारा नियुक्त तीन विषय विशेषज्ञ, कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोग, बिचौलिए और पेपर लीक से कथित तौर पर लाभ उठाने वाले उम्मीदवार शामिल हैं। दिल्ली की विशेष अदालत में दाखिल चार्जशीट में CBI ने 360 गवाहों, 422 दस्तावेजों और 43 भौतिक साक्ष्यों को अभियोजन का हिस्सा बनाया है।

NTA के तीन Subject Experts पहले ही बन चुके हैं आरोपी

इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि CBI की जांच में NTA से जुड़े Subject Experts की भूमिका सामने आई थी। जांच एजेंसी के मुताबिक प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल तीन विशेषज्ञों के पास परीक्षा के गोपनीय सवालों तक पहुंच थी और कथित तौर पर इन्हीं में से कुछ ने सवाल बाहर पहुंचाए। CBI की पहली चार्जशीट में मनीषा गुरुनाथ मंधारे, पी.वी. कुलकर्णी और मनीषा संजय हवलदार को आरोपी बनाया गया। ये तीनों अलग-अलग विषयों से जुड़े Subject Experts थे और NTA की परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े हुए थे।

NEET पेपर लीक का सबसे बड़ा राज खुला! 10 लाख में बिका पेपर, 13 आरोपी बेनकाब, अब अदालत में होगा बड़ा फैसला

गुप्त क्लास से लेकर हस्तलिखित नोट्स तक सामने आई कहानी

CBI की जांच में पेपर लीक का तरीका भी सामने आया। एजेंसी के मुताबिक यह मामला सिर्फ परीक्षा केंद्र से प्रश्नपत्र बाहर निकलने तक सीमित नहीं था। जांच में दावा किया गया कि परीक्षा से पहले कुछ उम्मीदवारों के लिए कथित तौर पर विशेष क्लास आयोजित की गईं, जहां लीक हुए सवालों और उनके उत्तरों की जानकारी दी गई। कुछ सवालों को कथित तौर पर हाथ से लिखकर नोट किया गया और बाद में उनकी तस्वीरें लेकर आगे भेजा गया।

360 गवाह और 422 दस्तावेज बने जांच का आधार

पहली चार्जशीट में CBI ने बड़ी संख्या में गवाहों और दस्तावेजों को शामिल किया है। एजेंसी ने 360 गवाह, 422 दस्तावेज और 43 भौतिक साक्ष्य अदालत के सामने रखे हैं। इसके अलावा डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट और लिखावट से जुड़े विशेषज्ञों की रिपोर्ट भी जांच का हिस्सा बनी है। दिल्ली विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों से भी कथित तौर पर सवालों और लिखावट से जुड़े मिलान की राय ली गई। फॉरेंसिक रिपोर्टों का इस्तेमाल आरोपियों और लीक हुए प्रश्नों के बीच कथित संबंध स्थापित करने के लिए किया गया है।

Anti-Paper Leak Bill पेश होते ही गरमाई संसद, NEET पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन

NTA में सुरक्षा चूक का भी हुआ जिक्र

CBI की जांच में सिर्फ आरोपियों की भूमिका ही सामने नहीं आई, बल्कि परीक्षा प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़ी सुरक्षा खामियों पर भी सवाल उठे। चार्जशीट के मुताबिक NTA की गोपनीय प्रक्रिया में पर्याप्त compartmentalisation नहीं होने और कुछ विशेषज्ञों को जरूरत से ज्यादा स्तर तक प्रश्नपत्रों की पहुंच मिलने जैसी कमियां सामने आईं। जांच में यह भी सामने आया कि संवेदनशील हिस्सों में प्रवेश और निकासी के दौरान पर्याप्त जांच और CCTV निगरानी को लेकर कमियां थीं।

पेपर लीक के बाद रद्द हुई थी परीक्षा

NEET-UG 2026 की परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित की गई थी। पेपर लीक की शिकायतों और जांच के बाद NTA ने परीक्षा रद्द कर दी थी। इसके बाद सभी अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित की गई। CBI ने इस मामले में 12 मई को केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। इसके बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में छापेमारी और गिरफ्तारियों का सिलसिला चला। जांच में महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा समेत कई राज्यों से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आई।

Location :  New Delhi

Published :  4 October 2026, 1:03 PM IST