पहलगाम आतंकी हमले में NIA का बड़ा एक्शन, हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी 2025 के पहलगाम आतंकी हमले…

पहलगाम आतंकी हमले की जांच में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। जम्मू की अदालत ने एनआईए की सप्लीमेंट्री चार्जशीट पर सुनवाई के बाद लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया है। अदालत के इस आदेश से उसकी गैरमौजूदगी में भी मुकदमा चलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 14 July 2026, 3:08 PM IST

New Delhi : पहलगाम आतंकी हमले के मामले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। 26 बेगुनाह लोगों की जान लेने वाले इस हमले के कथित मास्टरमाइंड और पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद के खिलाफ जम्मू की अदालत ने गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया है। इस आदेश के साथ अब उसकी गैरमौजूदगी में भी मुकदमा चलाने का रास्ता खुल गया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपने बयान में बताया कि सईद जानबूझकर भारतीय कानून से बच रहा है और पाकिस्तान में छिपा बैठा है। इसलिए न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाना जरूरी है।

NIA की सप्लीमेंट्री चार्जशीट के बाद कोर्ट का बड़ा फैसला

मामले में यह अहम घटनाक्रम तब सामने आया। जब एनआईए ने 6 जुलाई को अदालत में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल करते हुए हाफिज सईद को आरोपी बनाया। एजेंसी ने आरोप लगाया कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले की पूरी साजिश पाकिस्तान में रची गई थी और उसका मुख्य सूत्रधार हाफिज सईद था। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। जिनमें अधिकांश पर्यटक थे।

NIA ने कहा- आरोपी जानबूझकर गिरफ्तारी से बच रहा

एनआईए ने अदालत से कहा कि हाफिज सईद जानबूझकर गिरफ्तारी से बच रहा है और उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए अनिश्चित अवधि का गैर-जमानती वारंट जारी किया जाना जरूरी है। एजेंसी ने यह भी बताया कि आरोपी फिलहाल पाकिस्तान में है और उसे भारतीय अदालत के सामने पेश कराना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। जांच एजेंसी के अनुसार, उसे भारत लाने के लगभग सभी कानूनी विकल्प इस्तेमाल किए जा चुके हैं। इसलिए उसकी अनुपस्थिति में भी मुकदमे की कार्यवाही आगे बढ़ाई जानी चाहिए।

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गैरहाजिरी में भी चल सकेगा मुकदमा

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के प्रावधानों के मुताबिक, यदि कोई आरोपी भारत से बाहर है। अदालत में जानबूझकर पेश नहीं हो रहा है और उसके खिलाफ गंभीर अपराधों के पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। अदालत उसकी अनुपस्थिति में भी ट्रायल चला सकती है। इसके लिए पहले समन और गैर-जमानती वारंट जारी करना आवश्यक होता है। यदि इसके बाद भी आरोपी अदालत में पेश नहीं होता है। उसे घोषित अपराधी घोषित किया जा सकता है और उसके बिना भी मुकदमे की सुनवाई जारी रह सकती है।

पहली चार्जशीट में भी कई आरोपी शामिल

इस मामले में एनआईए की पहली चार्जशीट में तीन पाकिस्तानी  सुलेमान, जिब्रान और हमजा अफगानी आतंकवादियों को आरोपी बनाया गया था। इसके अलावा पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेटिव साजिद सैफुल्लाह जट्ट और पहलगाम निवासी बशीर अहमद और परवेज अहमद के नाम भी चार्जशीट में शामिल किए गए थे। अब सप्लीमेंट्री चार्जशीट में हाफिज सईद का नाम जुड़ने के बाद जांच एजेंसी ने उसे इस हमले की कथित साजिश का प्रमुख आरोपी बताया है।

Location :  New Delhi

Published :  14 July 2026, 3:08 PM IST