No UPI Day: दिल्ली में आज QR कोड पर दिखेगा काला कपड़ा? 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI चार्ज को लेकर व्यापारियों में नाराजगी

दिल्ली में 2 अक्टूबर को ‘No UPI Day’ को लेकर व्यापारिक संगठनों में अलग-अलग रुख सामने आया है। CTI ने MDR के विरोध में QR कोड और साउंड बॉक्स ढकने का आह्वान किया था। वहीं CAIT ने देशव्यापी विरोध से दूरी बनाई है। UPI सेवा बंद नहीं होगी।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 2 October 2026, 8:31 AM IST

New Delhi: दिल्ली में 2 अक्टूबर को ‘No UPI Day’ को लेकर व्यापारिक संगठनों के बीच हलचल है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने 2,000 रुपये से अधिक के कुछ UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के विरोध में इस दिन सांकेतिक विरोध का आह्वान किया था। हालांकि, सभी व्यापारिक संगठनों ने इस आह्वान का समर्थन नहीं किया है। CAIT ने स्पष्ट किया है कि उसने देशव्यापी ‘No UPI Day’ का कोई आह्वान नहीं किया है।

QR कोड और साउंड बॉक्स ढकने की तैयारी

CTI के अनुसार, उसके समर्थन में दिल्ली के 100 से अधिक व्यापारिक और औद्योगिक संगठनों के आने का दावा किया गया था। विरोध में शामिल व्यापारी दुकानों पर लगे UPI QR कोड, स्कैनर और साउंड बॉक्स को काले कपड़े से ढककर सांकेतिक विरोध करने की बात कह चुके हैं।

दिल्ली व्यापार महासंघ ने भी इस पहल का समर्थन किया है। संगठन की ओर से MDR को लेकर व्यापारियों पर अतिरिक्त लागत पड़ने की चिंता जताई गई है।

15 अक्टूबर से MDR को लेकर विवाद

व्यापारी संगठनों का विरोध 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत MDR से जुड़ा है। यह शुल्क पात्र मर्चेंट UPI लेनदेन में 2,000 रुपये से अधिक की राशि पर लागू होने की बात कही गई है। रिपोर्टों के मुताबिक यह शुल्क व्यापारी से लिया जाएगा, सीधे ग्राहक से नहीं।

व्यापारी संगठनों का कहना है कि MDR से डिजिटल भुगतान स्वीकार करने की लागत बढ़ सकती है। कुछ संगठनों ने सरकार से इस व्यवस्था को वापस लेने या इसमें बदलाव की मांग की है।

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सभी व्यापारी संगठन नहीं हैं विरोध में

‘No UPI Day’ को लेकर व्यापारिक संगठनों के बीच मतभेद भी सामने आए हैं। CAIT ने स्पष्ट किया कि उसने 2 अक्टूबर को देशव्यापी ‘No UPI Day’ मनाने का कोई फैसला नहीं लिया है। वहीं, कुछ अन्य संगठनों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात के बाद 2 अक्टूबर का अपना विरोध वापस लेने की घोषणा की।

इस वजह से 2 अक्टूबर को दिल्ली में विरोध की स्थिति संगठन और क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। यह भी स्पष्ट है कि 2 अक्टूबर को UPI सेवा देशभर में बंद नहीं होगी; यह कुछ व्यापारी संगठनों की ओर से किया जाने वाला विरोध है।

व्यापारियों की मांग क्या है?

व्यापारी संगठनों की प्रमुख मांग UPI मर्चेंट भुगतान को जीरो-MDR व्यवस्था में बनाए रखने की है। उनका तर्क है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए व्यापारियों पर अतिरिक्त लेनदेन लागत नहीं होनी चाहिए। दूसरी ओर, प्रस्तावित व्यवस्था में आम ग्राहकों के व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) UPI भुगतान पर MDR लागू नहीं होने की बात कही गई है।

Location :  New Delhi

Published :  2 October 2026, 8:29 AM IST