सड़क हादसों पर ब्रेक लगाने की तैयारी, अब 10 मिनट में पहुंचेगी एंबुलेंस, जाल्द बदलेगा इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम

देश में सड़क हादसों को कम करने और घायलों को समय पर इलाज देने के लिए NHAI ने बड़ा कदम उठाया है। अब हाईवे पर एंबुलेंस रिस्पॉन्स टाइम 20-30 मिनट से घटाकर 10 मिनट किया जाएगा। इसके लिए 16 हजार किमी जोखिम वाले हिस्सों की पहचान कर निगरानी, लाइव ट्रैकिंग और एंबुलेंस नेटवर्क विस्तार की योजना बनाई गई है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 13 May 2026, 11:33 AM IST

New Delhi: देश में सड़क हादसों की बढ़ती संख्या को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर आपातकालीन चिकित्सा प्रतिक्रिया प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। उद्देश्य यह है कि सड़क दुर्घटना के बाद घायल व्यक्तियों को 'गोल्डन ऑवर' के भीतर इलाज मिल सके। इसी के तहत अब हाईवे पर एंबुलेंस रिस्पॉन्स टाइम को 20-30 मिनट से घटाकर 10 मिनट करने की योजना पर काम शुरू किया गया है।

हाईवे पर जोखिम वाले कॉरिडोर की पहचान

एनएचएआई ने अपने 80 हजार किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का विस्तृत अध्ययन कर करीब 16 हजार किलोमीटर ऐसे हिस्सों की पहचान की है जहां दुर्घटनाओं की आशंका सबसे अधिक है। इनमें 278 ऐसे स्थान शामिल हैं जहां हादसे के बाद एंबुलेंस पहुंचने में अभी भी 20 से 30 मिनट तक का समय लग जाता है। कई मामलों में देरी के कारण घायल की स्थिति गंभीर हो जाती है या अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो जाती है। इसी समस्या को देखते हुए इन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है।

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गोल्डन ऑवर में इलाज पर जोर

एनएचएआई का लक्ष्य है कि दुर्घटना के बाद मरीज को जल्द से जल्द प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जाए। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की “रोड एक्सीडेंट्स इन इंडिया-2023” रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023 में राष्ट्रीय राजमार्गों पर 1.50 लाख से अधिक सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 63 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई। इन आंकड़ों के आधार पर यह स्पष्ट है कि समय पर चिकित्सा सहायता जीवन बचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।

लाइव ट्रैकिंग और डिजिटल निगरानी व्यवस्था

नई योजना के तहत एंबुलेंस की लाइव ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया जाएगा, जो ऐप आधारित कैब सेवा की तरह काम करेगा। कंट्रोल रूम यह देख सकेगा कि सबसे नजदीकी एंबुलेंस कहां है और कितनी देर में मौके पर पहुंचेगी। इसके साथ ही कोहरे, ओवरस्पीडिंग और गलत लेन ड्राइविंग जैसी स्थितियों की रियल टाइम मॉनिटरिंग भी की जाएगी, जिससे दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी।

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एंबुलेंस नेटवर्क और संसाधनों का विस्तार

वर्तमान में राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगभग 1,074 एंबुलेंस तैनात हैं। जबकि मानकों के अनुसार 80 हजार किलोमीटर के नेटवर्क के लिए लगभग 1,300 से 1,600 एंबुलेंस की आवश्यकता मानी जाती है। इन एंबुलेंस में स्ट्रेचर, 50 से अधिक प्रकार की दवाएं, ड्रेसिंग सामग्री, आईवी फ्लूइड और आपातकालीन इंजेक्शन उपलब्ध रहते हैं। एनएचएआई अब इनकी संख्या बढ़ाने और रणनीतिक तैनाती पर भी काम कर रहा है।

Location :  New Delhi

Published :  13 May 2026, 11:33 AM IST