नए इनकम टैक्स एक्ट को लेकर CBDT ने बड़ी स्पष्टता दी है। चेयरमैन रवि अग्रवाल ने कहा कि असेसमेंट ईयर 2026-27 के ITR फॉर्म और नियम समय पर जारी होंगे। नया टैक्स सिस्टम सरल, डिजिटल और टैक्सपेयर्स के लिए ज्यादा पारदर्शी होगा।

नए इनकम टैक्स एक्ट (Img Source: Google)
New Delhi: काफी समय से टैक्सपेयर्स के बीच नए इनकम टैक्स एक्ट को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। अब इस पर Central Board of Direct Taxes (CBDT) ने अहम जानकारी दी है। CBDT के चेयरमैन Ravi Agarwal ने स्पष्ट किया है कि नए इनकम टैक्स एक्ट से जुड़े नियम और ITR फॉर्म तय समयसीमा के भीतर जारी किए जाएंगे और इसमें टैक्सपेयर्स की सुविधा को सबसे ऊपर रखा जाएगा।
CBDT चेयरमैन के मुताबिक नए इनकम टैक्स एक्ट का मकसद टैक्स सिस्टम को आसान, पारदर्शी और टैक्सपेयर्स के अनुकूल बनाना है। नए ITR फॉर्म इस तरह डिजाइन किए जाएंगे कि आम टैक्सपेयर्स को अनावश्यक जानकारियां भरने की जरूरत न पड़े और रिटर्न फाइल करना पहले से ज्यादा आसान हो।
नए नियमों में आय, निवेश, छूट और टैक्स देनदारी से जुड़े प्रावधानों को सरल भाषा में पेश किया जाएगा। इससे टैक्स से जुड़े विवादों में कमी आने की उम्मीद है और टैक्सपेयर्स को अपनी जिम्मेदारियां बेहतर तरीके से समझ आएंगी।
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CBDT ने बताया कि नए ITR फॉर्म पूरी तरह डिजिटल होंगे। फेसलेस असेसमेंट, ई-वेरिफिकेशन और ऑनलाइन रिफंड प्रक्रिया को और मजबूत किया जाएगा, जिससे टैक्स फाइलिंग से लेकर रिफंड तक का पूरा सिस्टम तेज और पारदर्शी बने।
CBDT के अनुसार असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए नए ITR फॉर्म तय समय पर जारी किए जाएंगे। बोर्ड ने साफ किया है कि इसमें कोई देरी नहीं होगी। अंतिम रूप देने से पहले स्टेकहोल्डर्स के सुझाव भी लिए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि टैक्सपेयर्स को नए नियमों और फॉर्म पर नजर रखनी चाहिए और अपने आय व निवेश से जुड़े दस्तावेज समय पर तैयार रखने चाहिए। नया सिस्टम भले ही आसान होगा, लेकिन सही जानकारी देना पहले से ज्यादा जरूरी हो जाएगा।