
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला (Img: Pinterest)
New Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट की उम्र के बारे में एक अहम आदेश जारी किया है। कोर्ट ने सात राज्यों को अपने सर्विस नियमों में बदलाव करने और जजों की रिटायरमेंट की उम्र 60 से बढ़ाकर 62 साल करने का निर्देश दिया है।
चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने कहा कि जिन न्यायिक अधिकारियों ने इस साल 31 मार्च या उसके बाद 60 साल की उम्र पूरी की है और जिन्हें कोई दूसरी नौकरी नहीं मिली है उन्हें न्यायिक सेवा में फिर से शामिल होने का विकल्प दिया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, सिक्किम, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल को रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने का निर्देश दिया है। हालांकि, यह फायदा तभी मिलेगा जब संबंधित हाई कोर्ट अधिकारी की काबिलियत और उपयुक्तता की जांच कर ले।
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कोर्ट ने कहा कि नियमों में बदलाव होने तक, 60 साल की उम्र पूरी कर चुके न्यायिक अधिकारी 62 साल की उम्र तक सेवा में बने रह सकते हैं, बशर्ते उनका काम संतोषजनक पाया जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात, उत्तर प्रदेश और दिल्ली समेत कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से भी इस मामले पर अपने रुख पर फिर से विचार करने को कहा है। कोर्ट ने इन राज्यों को इस मुद्दे पर फैसला लेने और दो हफ्ते के अंदर अनुपालन रिपोर्ट (compliance report) दाखिल करने का निर्देश दिया है।
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सुप्रीम कोर्ट ने माना कि न्यायिक अधिकारियों के कार्यकाल में अंतर एक अहम और जायज़ मुद्दा है जिस पर राज्यों को गंभीरता से विचार करना चाहिए। उम्मीद है कि इस फैसले से न्यायिक सेवा में लंबा अनुभव रखने वाले अधिकारियों को राहत मिलेगी।
Location : New Delhi
Published : 4 September 2026, 5:59 PM IST