‘तय नियमों के तहत कभी भी मिल सकते हैं राजनीतिक दल’, राहुल गांधी के आरोपों पर चुनाव आयोग का पलटवार

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन के बीच चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि उसे किसी भी राजनीतिक दल से मिलने में कोई आपत्ति नहीं है। आयोग ने कहा कि नियत प्रक्रिया और प्रोटोकॉल के तहत दल कभी भी मुलाकात कर सकते हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 7 October 2026, 3:36 PM IST

New Delhi: चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) के खिलाफ विपक्षी नेताओं के विरोध और चुनाव आयोग (INDIA Bloc Protest) से मिलने की उनकी मांगों के बीच आयोग ने अपना रुख साफ किया है। चुनाव आयोग ने कहा कि उसे किसी भी राजनीतिक दल के प्रतिनिधिमंडल से मिलने में कोई आपत्ति नहीं है, हालांकि ऐसी बैठकों के लिए तय प्रक्रियाओं और प्रोटोकॉल का पालन किया जाना चाहिए। आयोग के अनुसार मंगलवार शाम 4 बजे तक किसी भी राजनीतिक दल ने अधिकृत प्रतिनिधि के जरिए बैठक के लिए औपचारिक रूप से अनुरोध नहीं किया था।

राहुल और प्रियंका समेत विपक्षी नेताओं का धरना

मंगलवार को इंडिया (INDIA) गठबंधन के कई नेताओं, जिनमें राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi) शामिल थे, ने चुनाव आयोग की ओर मार्च किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया, जिसके बाद विपक्षी नेताओं ने आकाशवाणी भवन (Akashvani Bhawan) के पास धरना दिया। नेताओं ने कहा कि वे 'सिस्टमैटिक वोटर्स लिस्ट अपडेट/रिविजन' (SIR) और वोटर लिस्ट से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए चुनाव आयोग से मिलना चाहते थे। विरोध प्रदर्शन के दौरान, दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया, हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।

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चुनाव आयोग ने बताया कि बैठक क्यों नहीं हो सकी

अपने स्पष्टीकरण में चुनाव आयोग (Election Commission) ने कहा कि मंगलवार शाम करीब 4 बजे उसे दिल्ली पुलिस से जानकारी मिली कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल ज्ञापन सौंपने के लिए आयोग से मिलना चाहता है। इसके बाद आयोग को सूचित किया गया कि लगभग 240 सांसद संसद भवन एनेक्सी के भीतर बैठक करना चाहते थे। आयोग ने इस व्यवस्था को अपने तय प्रोटोकॉल के अनुरूप नहीं माना। आयोग के अनुसार, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिमंडलों के साथ बैठकें आयोग के अपने परिसर में होती हैं।

आयोग ने 240 सांसदों के साथ बैठक पर क्यों जताई आपत्ति?

ECI (चुनाव आयोग) के अनुसार, राजनीतिक दलों और आयोग के बीच बैठकों के लिए एक विशिष्ट प्रक्रिया तय की गई है। इस प्रक्रिया के तहत किसी राजनीतिक दल या कई दलों के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल को पहले अधिकृत प्रतिनिधि के जरिए बैठक का अनुरोध करना होता है। इसके बाद दोनों पक्षों की आपसी सहमति से तारीख और समय तय किया जाता है। आयोग ने कहा कि संसद भवन एनेक्सी में लगभग 240 सांसदों के साथ बैठक करने का प्रस्ताव तय प्रक्रिया से अलग था; इसलिए इसे स्वीकार नहीं किया गया।

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ज्ञापन लेने के लिए वरिष्ठ अधिकारी को भेजने का प्रस्ताव

चुनाव आयोग (Election Commission) ने यह भी बताया कि मौजूदा हालात को देखते हुए उसने एक वैकल्पिक व्यवस्था का प्रस्ताव दिया था। आयोग के अनुसार, उसका सबसे वरिष्ठ अधिकारी सांसदों से ज्ञापन लेने के लिए संसद भवन एनेक्सी जा सकता था। ECI ने इसे एक असाधारण कदम बताया लेकिन कहा कि सांसद इस प्रस्ताव पर सहमत नहीं हुए। आयोग ने संसदीय और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति अपना सम्मान दोहराया और साथ ही अपने स्थापित प्रोटोकॉल और परंपराओं का पालन करने की जरूरत पर जोर दिया।

‘किसी भी पार्टी से मिलने को तैयार’

आयोग ने स्पष्ट किया कि किसी भी राजनीतिक दल के सदस्यों के साथ बैठक के लिए उसके दरवाजे हमेशा खुले हैं। कोई भी पार्टी तय प्रक्रिया का पालन करते हुए अपने अधिकृत प्रतिनिधि के जरिए बैठक का अनुरोध कर सकती है। इसके बाद आयोग उपलब्धता और आपसी सहमति के आधार पर बैठक का समय तय करेगा। उसने यह भी स्पष्ट किया कि अब तक किसी भी राजनीतिक दल के साथ बैठक का कोई समय तय नहीं किया गया है, क्योंकि मंगलवार शाम 4 बजे तक इस प्रक्रिया के तहत कोई औपचारिक अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ था।

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SIR को लेकर विपक्ष और आयोग के बीच असहमति

विपक्षी दल लगातार मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) को लेकर सवाल उठा रहे हैं। INDIA गठबंधन के नेताओं ने तो चुनाव आयुक्त ज्ञानेंद्र कुमार के इस्तीफे की भी मांग की है। वहीं, चुनाव आयोग का कहना है कि राजनीतिक दल स्थापित प्रक्रिया के जरिए अपनी आपत्तियां और सुझाव दे सकते हैं।

Location :  New Delhi

Published :  7 October 2026, 3:36 PM IST