‘साइकिल के सफर से चांद के पार…’ राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर PM मोदी ने की Gen Z टेक टैलेंट की तारीफ

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बधाई दी और अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी व Gen Z की प्रतिभा की सराहना की।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 23 August 2026, 1:12 PM IST

New Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस' के मौके पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र तेजी से नई ऊंचाइयां छू रहा है। निजी कंपनियों की बढ़ती भागीदारी के कारण, यह क्षेत्र वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2047 तक 'विकसित भारत' का लक्ष्य हासिल करने में अंतरिक्ष क्षेत्र अहम भूमिका निभाएगा।

Gen Z के टेक टैलेंट की तारीफ

प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं की उपलब्धियों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि Gen Z के इंजीनियर, डिजाइनर, कोडर और वैज्ञानिक नई तकनीकों पर तेजी से काम कर रहे हैं। युवा पेशेवर प्रोपल्शन सिस्टम, कंपोजिट मटीरियल, रॉकेट स्टेज और सैटेलाइट प्लेटफॉर्म जैसे क्षेत्रों में नए-नए प्रयोग कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के अनुसार, इन क्षेत्रों में हो रहा काम भारत की तकनीकी क्षमता को और मजबूत कर रहा है।

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2047 के लक्ष्य में अंतरिक्ष क्षेत्र की बड़ी भूमिका

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का संकल्प लिया है। इस लक्ष्य को पूरा करने में अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीक अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने बताया कि भारत वैश्विक स्तर पर अपनी अंतरिक्ष क्षमताओं का लगातार विस्तार कर रहा है और निजी क्षेत्र की भागीदारी इस प्रयास को नई गति दे रही है।

चंद्रयान-3 की सफलता का जश्न

'राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस' हर साल 23 अगस्त को मनाया जाता है। यह दिन 2023 में चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास चंद्रयान-3 मिशन के विक्रम लैंडर की सफल सॉफ्ट लैंडिंग की याद दिलाता है। इस उपलब्धि के साथ भारत चंद्रमा के इस हिस्से तक सफलतापूर्वक पहुंचने वाला पहला देश बन गया।

ISRO प्रमुख ने भारत की अंतरिक्ष यात्रा की कहानी सुनाई

अहमदाबाद में आयोजित तीसरे 'राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस' समारोह में बोलते हुए, ISRO के चेयरमैन और अंतरिक्ष विभाग के सचिव डॉ. वी. नारायणन ने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के शुरुआती दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि जब देश ने पहली बार अपना अंतरिक्ष कार्यक्रम शुरू किया था, तो रॉकेट के पुर्जों को साइकिल पर ले जाना पड़ता था। आज, वही कार्यक्रम वैश्विक स्तर पर एक मजबूत पहचान बना चुका है।

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ग्लोबल लीडरशिप के लिए इनोवेशन पर जोर

इस साल के नेशनल स्पेस डे की थीम है 'विकसित भारत की ओर: ग्लोबल स्पेस लीडरशिप के लिए इनोवेशन, सहयोग और आकांक्षाएं।' डॉ. नारायणन ने कहा कि स्पेस सेक्टर में ग्लोबल लीडरशिप हासिल करने के लिए भारत को लगातार नई टेक्नोलॉजी विकसित करनी होगी, पार्टनरशिप मजबूत करनी होगी और बड़े लक्ष्य तय करने होंगे।

उन्होंने चंद्रयान-3 के वैज्ञानिक महत्व पर भी जोर दिया। उनके अनुसार, इस मिशन से चंद्रमा के बारे में महत्वपूर्ण वैज्ञानिक डेटा मिला; साथ ही, इसकी सफलता ने देश भर में लाखों लोगों को प्रेरित किया और दुनिया के सामने भारत की बढ़ती वैज्ञानिक क्षमता को दिखाया।

Location :  New Delhi

Published :  23 August 2026, 1:02 PM IST