
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Img: Pinterest)
New Delhi: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बेहद करीबी और पूर्व रक्षा मंत्री सर्गेई इवानोव की संदिग्ध मौत हो गई है। उनकी मौत सियासत गरमा गई है और कई सवाल खड़े हो गये हैं। 73 वर्षीय इवानोव कभी पुतिन के संभावित उत्तराधिकारी माने जाते थे। वे पुतिन के सबसे भरोसेमंंद भी माने जाते थे। क्रेमलिन ने उनकी मृत्यु की पुष्टि की, लेकिन मौत की वजह और अन्य परिस्थितियों को लेकर कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। इस वजह से रूस और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
सर्गेई इवानोव का नाम रूस की खुफिया दुनिया में काफी प्रभावशाली रहा। वह पूर्व सोवियत संघ की खुफिया एजेंसी KGB के अधिकारी थे। उनकी मुलाकात पुतिन से 1970 के दशक के आखिर में लेनिनग्राद KGB डायरेक्टोरेट में हुई थी।दोनों ने खुफिया सेवाओं में काम किया और समय के साथ उनकी दोस्ती मजबूत होती गई। पुतिन के राष्ट्रपति बनने के बाद इवानोव ने कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं।
अपनी तेज रणनीतिक सोच और खुफिया क्षमता के कारण सोवियत मीडिया ने इवानोव को ‘सोवियत जेम्स बॉन्ड’ तक कहा था। उन्हें ऐसा अधिकारी माना जाता था जो भीड़ में रहकर भी अपनी पहचान छिपाए रख सकता था। पत्रकार मिखाइल ज़ीगर ने अपनी किताब में इवानोव को एक आदर्श सोवियत जासूस बताया था, जिसकी छवि बेहद शांत और प्रभावशाली थी।
पुतिन ने 2001 में सर्गेई इवानोव को रूस का रक्षा मंत्री बनाया था। उन्होंने 2007 तक इस पद पर रहते हुए चेचन्या संघर्ष के दौरान अहम भूमिका निभाई। इसके बाद वह रूस के सुरक्षा परिषद सचिव, प्रथम उप प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति प्रशासन के प्रमुख जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे। वह रूस के शक्तिशाली सुरक्षा अधिकारियों के समूह ‘सिलोविकी’ के प्रमुख चेहरों में शामिल थे।
2008 में जब पुतिन ने राष्ट्रपति पद छोड़कर प्रधानमंत्री बनने का फैसला किया था, तब इवानोव को संभावित उत्तराधिकारी माना जा रहा था। लेकिन पुतिन ने दिमित्री मेदवेदेव को आगे किया। कुछ विशेषज्ञों का मानना था कि पुतिन को इवानोव की महत्वाकांक्षा से खतरा महसूस हुआ होगा और इसी कारण उन्हें राष्ट्रपति पद की दौड़ से दूर रखा गया।
2016 के बाद इवानोव को पर्यावरण संरक्षण और परिवहन से जुड़े राष्ट्रपति प्रतिनिधि का पद दिया गया, जिसे कई विश्लेषकों ने सम्मानजनक रिटायरमेंट माना। यूक्रेन युद्ध के बाद रूस के कई शीर्ष अधिकारियों की तरह इवानोव पर भी अमेरिका और यूरोपीय संघ ने प्रतिबंध लगाए थे। सर्गेई इवानोव की मौत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि रूस के इस पुराने जासूस और पुतिन के भरोसेमंद साथी की विदाई के पीछे सिर्फ एक स्वाभाविक घटना है या इसके पीछे कोई अनकहा रहस्य भी छिपा है।
Location : New Delhi
Published : 27 June 2026, 3:48 PM IST