भारत में बढ़ते एलपीजी (LPG) संकट के बीच राहत की खबर आ रही है; एलपीजी से लदा जहाज ‘शिवालिक’ आज मुंद्रा पोर्ट पहुँच रहा है, जबकि ‘नंदा देवी’ कल कांडला पोर्ट पहुँचेगा। ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण प्रभावित हुई घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति को स्थिर करने के लिए इन जहाजों से $92,000$ मीट्रिक टन से अधिक एलपीजी आने की उम्मीद है।

Shivalik and nanda ship
New Delhi: देश में बढ़ते एलपीजी संकट के बीच आज राहत भरी खबर सामने आई है। एलपीजी से लदा ‘शिवालिक’ नाम का जहाज सोमवार को गुजरात पहुंचने वाला है। माना जा रहा है कि इस खेप के आने से कुछ हद तक गैस की आपूर्ति में सुधार हो सकता है।
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और Iran–Israel conflict से जुड़े हालात के कारण वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है। इसका असर भारत में भी दिखाई दे रहा है। कई शहरों में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी बताई जा रही है, जिसके चलते घरेलू सिलेंडरों की मांग भी तेजी से बढ़ गई है।
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शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव Rajesh Kumar Sinha के अनुसार एलपीजी से भरा ‘शिवालिक’ जहाज Strait of Hormuz पार कर चुका है और अब Mundra Port की ओर बढ़ रहा है। जहाज के सोमवार, 16 मार्च को गुजरात पहुंचने की उम्मीद है।
जानकारी के मुताबिक इस जहाज में लगभग 40,000 से 50,000 मीट्रिक टन एलपीजी हो सकती है। हालांकि सटीक मात्रा की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। बताया जाता है कि जहाज की कुल क्षमता करीब 54,000 मीट्रिक टन तक है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह खेप राहत जरूर दे सकती है, लेकिन देश की कुल जरूरत के मुकाबले यह मात्रा सीमित है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि भारत में प्रतिदिन 55,000 मीट्रिक टन से अधिक एलपीजी की खपत होती है।
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सरकारी अधिकारियों के अनुसार एलपीजी की एक और खेप मंगलवार, 17 मार्च को भारत पहुंचेगी। ‘नंदा देवी’ नाम का जहाज गुजरात के Kandla Port पर पहुंचने वाला है, जिससे गैस आपूर्ति को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल सरकार का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और गैस आपूर्ति सामान्य बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।