तीन मासूमों की मौत से कांपा लातेहार: कल जहां गूंजती थी किलकारियां, आज वहां पसरा है खौफनाक सन्नाटा!

लातेहार के आरा गांव में तीन भाई-बहनों की मौत के दूसरे दिन आज गांव में भारी शोक और आक्रोश है। खनन के बाद खुले छोड़े गए गड्ढे को लेकर ग्रामीण प्रशासन के खिलाफ लामबंद हो रहे हैं। आज पोस्टमार्टम के बाद शवों का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 20 June 2026, 1:44 PM IST

Latehar: लातेहार जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र के आरा गांव में शुक्रवार की शाम जो खौफनाक मंजर देखने को मिला, उसका जख्म आज अगले दिन शनिवार को और गहरा हो गया है। एक ही परिवार के तीन मासूम भाई-बहन—माही कुमारी, दीपिका कुमारी और आर्यन कुमार की पानी से भरे गड्ढे में डूबने से हुई मौत के बाद आज पूरे गांव में चूल्हा तक नहीं जला है। कल तक जिस आंगन में तीन भाई-बहनों की हंसी गूंजती थी, आज वहां सिर्फ चीख-पुकार और सन्नाटा पसरा हुआ है। यह हादसा सिर्फ एक लापरवाही नहीं, बल्कि पत्थर खनन के नाम पर छोड़े गए उन 'मौत के कुओं' का नतीजा है, जिस पर आज पूरा गांव उबल रहा है।

पोस्टमार्टम हाउस के बाहर जुटी भीड़

हादसे के अगले दिन आज सुबह से ही लातेहार जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर ग्रामीणों और परिजनों की भारी भीड़ जुटी हुई है। पुलिस द्वारा शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद तीनों मासूमों के शवों को आज दोपहर आरा गांव लाया जा रहा है, जहां एक साथ तीन अर्थियां उठेंगी। इस खौफनाक दृश्य की कल्पना मात्र से ही ग्रामीणों की आंखें नम हैं।

 'डेथ ट्रैप' बने गड्ढों पर कब जागेगा प्रशासन?

आज इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल अवैध और असुरक्षित खनन को लेकर उठ रहा है। वर्षों पूर्व पत्थर निकालने के लिए खोदे गए इस विशाल गड्ढे को ठेकेदारों ने बिना भरे ही लावारिस छोड़ दिया था। बारिश के पानी से लबालब भरे ये गड्ढे अब मासूमों के लिए 'काल' साबित हो रहे हैं। आज सुबह से ही ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि आखिर खनन विभाग और स्थानीय प्रशासन इन खूनी गड्ढों को बंद कराने में नाकाम क्यों रहा?

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मासूमों की मौत ने खड़े किए नीतिगत सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि अगर इन गहरे गड्ढों के चारों तरफ घेराबंदी (फेंसिंग) की गई होती या इन्हें समय रहते मिट्टी से पाट दिया गया होता, तो आज एक मां की गोद सूनी नहीं होती। इस हादसे ने अब जिले में चल रहे तमाम वैध-अवैध खनन स्थलों की सुरक्षा ऑडिट की मांग को तेज कर दिया है। ग्रामीण अब पीड़ित परिवार के लिए सरकारी मुआवजे और दोषी ठेकेदारों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग पर अड़ गए हैं।

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प्रशासनिक जांच और गांव की घेराबंदी

 घटना के बाद आज बालूमाथ अंचल अधिकारी (CO) और पुलिस विभाग की एक टीम जांच के लिए आरा गांव के उस विवादित गड्ढे पर पहुंचने वाली है। प्रशासन ने आनन-फानन में जिले के अन्य संवेदनशील इलाकों में ऐसे खुले गड्ढों को चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं ताकि मॉनसून के इस मौसम में दोबारा ऐसा कोई हादसा न हो।

Location :  Latehar

Published :  20 June 2026, 12:42 PM IST