शराब घोटाला केस में नया ट्विस्ट! केजरीवाल-सिसोदिया ने CBI की याचिका खारिज करने की मांग क्यों की?

दिल्ली शराब नीति मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है। दोनों नेताओं ने CBI की रिवीजन पिटीशन की मेंटेनेबिलिटी पर सवाल उठाते हुए इसे खारिज करने की मांग की है। उनका कहना है कि ट्रायल कोर्ट के फैसले के महज चार घंटे के भीतर CBI ने जल्दबाजी में याचिका दाखिल की थी।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 13 August 2026, 5:02 PM IST

New Delhi: दिल्ली शराब नीति मामले में आम आदमी पार्टी के दो बड़े नेताओं अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दोनों ने हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल कर CBI की उस रिवीजन पिटीशन को खारिज करने की मांग की है, जिसमें ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है। ट्रायल कोर्ट ने शराब नीति मामले में केजरीवाल, सिसोदिया समेत अन्य आरोपियों को आरोपों से मुक्त कर दिया था। इसके बाद CBI ने इस फैसले के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में रिवीजन पिटीशन दाखिल की। अब केजरीवाल और सिसोदिया ने CBI की याचिका की कानूनी वैधता यानी मेंटेनेबिलिटी पर ही सवाल खड़ा कर दिया है।

CBI की रिवीजन पिटीशन पर उठाए सवाल

केजरीवाल और सिसोदिया ने हाई कोर्ट में अपनी याचिका के जरिए CBI के मामले की मेंटेनेबिलिटी को चुनौती दी है। उनका कहना है कि ट्रायल कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद महज चार घंटे के अंदर रिवीजन पिटीशन दाखिल करना सवाल खड़े करता है। दोनों नेताओं का तर्क है कि CBI ने फैसले का उचित तरीके से अध्ययन और कानूनी समीक्षा किए बिना जल्दबाजी में हाई कोर्ट का रुख किया। अब हाई कोर्ट में यह भी सवाल सामने रहेगा कि CBI की रिवीजन पिटीशन किस हद तक सुनवाई योग्य है।

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ट्रायल कोर्ट ने आरोपों से किया था मुक्त

दिल्ली शराब नीति मामले में ट्रायल कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों को आरोपों से मुक्त कर दिया था। ट्रायल कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ CBI ने हाई कोर्ट में चुनौती दी। मामला दिल्ली सरकार की 2021-22 की आबकारी नीति से जुड़ा है। इस नीति को बाद में तत्कालीन अरविंद केजरीवाल सरकार ने विवाद और अनियमितताओं के आरोपों के बीच वापस ले लिया था।

अब हाई कोर्ट में होगी कानूनी लड़ाई

ट्रायल कोर्ट के फैसले के बाद मामला अब दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गया है। लेकिन केजरीवाल और सिसोदिया ने CBI की रिवीजन पिटीशन के मेरिट पर जाने से पहले उसकी मेंटेनेबिलिटी पर ही सवाल उठा दिया है। ऐसे में हाई कोर्ट के सामने शुरुआती तौर पर यह मुद्दा महत्वपूर्ण होगा कि CBI की ओर से दाखिल रिवीजन पिटीशन कानूनी तौर पर सुनवाई योग्य है या नहीं। इसके बाद ही मामले की आगे की कानूनी दिशा तय हो सकती है।

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केजरीवाल का Meta पर भी बड़ा दावा

शराब नीति मामले के बीच अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Meta को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। केजरीवाल ने दावा किया है कि भारत में उनके सोशल मीडिया अकाउंट को प्रतिबंधित कर दिया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सवाल उठाया कि आखिर उनके अकाउंट पर इस तरह की कार्रवाई क्यों की गई। केजरीवाल का कहना है कि उन्हें अब तक यह जानकारी नहीं दी गई है कि उनके अकाउंट पर पाबंदी लगाने की वजह क्या है।

Location :  New Delhi

Published :  13 August 2026, 5:02 PM IST