
स्वाइन फ्लू को लेकर झारखंड में अलर्ट (Img: Dynamite News)
Deoghar: झारखंड में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। राजधानी रांची समेत राज्य के अलग-अलग हिस्सों से सामने आ रहे मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक झारखंड में पिछले 30 दिनों के दौरान 36 स्वाइन फ्लू संक्रमित मरीज सामने आए हैं, जिनमें 18 बच्चे शामिल हैं।
हालांकि, इसी बीच देवघर से फिलहाल राहत की खबर सामने आई है। देवघर के सिविल सर्जन के मुताबिक जिले में अभी तक स्वाइन फ्लू का कोई पॉजिटिव मरीज सामने नहीं आया है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है और संदिग्ध मामलों की जांच कराई जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिन मरीजों में स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं, उनके सैंपल जांच के लिए AIIMS देवघर भेजे गए हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि संक्रमण H1N1 का है या नहीं। यानी फिलहाल देवघर में घबराने जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग किसी भी संभावना को नजरअंदाज करने के मूड में नहीं है।
स्वाइन फ्लू के संभावित खतरे को देखते हुए देवघर सदर अस्पताल में 10 आइसोलेशन बेड की व्यवस्था की गई है। इन आइसोलेशन बेड पर संभावित मरीजों को जरूरत पड़ने पर अलग रखकर इलाज और निगरानी की जा सकेगी। इसके लिए डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम को भी अलर्ट मोड में रखा गया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अगर कोई मरीज तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, सांस लेने में परेशानी या फ्लू जैसे लक्षणों के साथ अस्पताल पहुंचता है, तो उसकी जांच और आवश्यकतानुसार सैंपलिंग की जाएगी। संदिग्ध मरीजों को सामान्य मरीजों से अलग रखने की व्यवस्था भी की गई है, ताकि संक्रमण फैलने की किसी भी संभावना को कम किया जा सके।
झारखंड में स्वाइन फ्लू का सबसे ज्यादा असर फिलहाल राजधानी रांची में देखने को मिल रहा है। रिम्स में लगातार H1N1 के मामले सामने आए हैं। 1 सितंबर की एक रिपोर्ट के मुताबिक रिम्स में तीन नए मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई और राज्य में अब तक 11 पॉजिटिव मरीज बताए गए।
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वहीं दूसरी ताजा रिपोर्ट में पिछले 30 दिनों में राज्य में 36 संक्रमित मिलने की बात कही गई है। आंकड़ों में अंतर का कारण अलग-अलग जांच केंद्रों और रिपोर्टिंग के आंकड़े हो सकते हैं, इसलिए स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक समेकित आंकड़े को अंतिम माना जाना चाहिए।
स्वाइन फ्लू को लेकर सबसे ज्यादा चिंता बच्चों और बुजुर्गों को लेकर है। सामने आए 36 मामलों में 18 बच्चों के संक्रमित होने की बात रिपोर्ट में कही गई है। यही वजह है कि अस्पतालों में संदिग्ध मरीजों की पहचान, जांच और आइसोलेशन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
29 अगस्त को झारखंड स्वास्थ्य विभाग ने H1N1 के कम-से-कम आठ पॉजिटिव मामलों की पुष्टि के बाद राज्यभर में अलर्ट जारी किया था। सभी जिलों के सिविल सर्जन, मेडिकल कॉलेज और जिला सर्विलांस अधिकारियों को संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग और अस्पतालों में आइसोलेशन की व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी और निगरानी बेहद जरूरी है।
देवघर की बात करें तो अभी तक यहां स्वाइन फ्लू का कोई पॉजिटिव मरीज सामने नहीं आया है। कुछ संदिग्ध सैंपल जांच के लिए AIIMS भेजे गए हैं और रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। अस्पताल में 10 आइसोलेशन बेड, डॉक्टरों की टीम और निगरानी व्यवस्था तैयार रखना यही संकेत देता है कि स्वास्थ्य विभाग किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयारी कर रहा है।
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स्वाइन फ्लू में आम तौर पर बुखार, खांसी, गले में खराश, बदन दर्द, कमजोरी और कुछ मामलों में सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण हो सकते हैं।विशेषकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों में लक्षण गंभीर होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
Location : Deoghar
Published : 2 September 2026, 3:44 PM IST