यूपी के चर्चित IPS अजय पाल शर्मा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका, बंगाल चुनाव की सरगर्मियों के बीच जानिये ये अपडेट

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले, आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा को पद से हटाने की मांग सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई। याचिका में आरोप लगाया गया है कि शर्मा ने राजनीतिक उम्मीदवारों को धमकाने और डराने का काम किया, जिससे चुनावी माहौल प्रभावित हो रहा है।

Post Published By: Subhash Raturi
Updated : 29 April 2026, 11:53 AM IST

New Delhi: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग से पहले, यूपी कैडर के चर्चित आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा को पद से हटाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि अजय पाल शर्मा पर डराने-धमकाने और पक्षपाती रवैया अपनाने का आरोप है, जिससे चुनावी माहौल में गड़बड़ी उत्पन्न हो रही है।

अधिकारियों पर लगाए गए गंभीर आरोप

याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में यह दावा किया है कि अजय पाल शर्मा ने अपने कार्यभार संभालने के बाद से ही राजनीतिक उम्मीदवारों को निशाना बनाना शुरू कर दिया था। उन्हें डराने-धमकाने की गतिविधियों में शामिल होने और राजनीतिक दबाव डालने का आरोप लगाया गया है। याचिका में कहा गया है कि उनकी मौजूदगी से चुनावी माहौल खराब हो रहा है और इससे 2026 के विधानसभा चुनाव की निष्पक्षता पर जनता का भरोसा प्रभावित हो सकता है।

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आधी रात को की गई ई-फाइलिंग

वोटिंग से ठीक पहले, याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में अनुच्छेद 32 के तहत एक रिट याचिका (सिविल) ई-फाइल की है। याचिका में अदालत से इस मामले पर तत्काल सुनवाई की गुहार लगाई गई। इस कानूनी हलचल ने चुनावी सरगर्मी को चरम पर पहुंचा दिया है।

दक्षिण 24 परगना में तैनाती और विवाद

अजय पाल शर्मा को बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में चुनाव आयोग का पुलिस ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया था, जो बंगाल के सबसे संवेदनशील इलाकों में से एक है। यहां उनकी तैनाती के बाद से ही सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और उनके बीच टकराव की खबरें आ रही थीं। उनकी सख्त कार्यशैली और 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' की छवि ने उन्हें विवादों के घेरे में ला दिया है।

बंगाल चुनावों की निष्पक्षता पर असर

याचिकाकर्ता का आरोप है कि अजय पाल शर्मा की कार्यप्रणाली से चुनावी माहौल में ध्रुवीकरण हो रहा है, जो चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाता है। उनका कहना है कि इस तरह के विवादों से आम जनता का चुनाव प्रक्रिया पर विश्वास घट सकता है, जिससे लोकतंत्र की स्थिरता पर भी असर पड़ सकता है।

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कानूनी प्रक्रिया का आगे का मार्ग

सुप्रीम कोर्ट में दायर इस याचिका से अब यह देखना होगा कि उच्चतम न्यायालय इस मामले पर क्या निर्णय लेता है और क्या अजय पाल शर्मा को पद से हटाया जाएगा। इस मामले की सुनवाई जल्द होने की संभावना जताई जा रही है।

Location :  New Delhi

Published :  29 April 2026, 11:32 AM IST