
भारत रेमिटेंस में नंबर-1(Source: Google)
New Delhi: वैश्विक स्तर पर भारतीय प्रवासियों की धाक एक बार फिर साबित हुई है। इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM) द्वारा जारी 'वर्ल्ड माइग्रेशन रिपोर्ट 2026' के अनुसार, भारत वर्ष 2024 में 137.67 अरब डॉलर का रेमिटेंस (विदेश से भेजी गई राशि) हासिल कर दुनिया में शीर्ष स्थान पर बरकरार है। भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जिसने 100 अरब डॉलर के इस जादुई आंकड़े को पार किया है।
रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि भारत में रेमिटेंस का प्रवाह पिछले 15 वर्षों में अभूतपूर्व गति से बढ़ा है:
2010: 53.48 अरब डॉलर
2015: 68.91 अरब डॉलर
2020: 83.15 अरब डॉलर
2024: 137.67 अरब डॉलर
भारत के बाद मेक्सिको, फिलीपींस और फ्रांस दुनिया में सबसे ज्यादा रेमिटेंस पाने वाले शीर्ष चार देशों में शामिल हैं।
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दुनिया भर में राशि भेजने (Outflow) के मामले में अमेरिका सबसे ऊपर है। 2024 में अकेले अमेरिका से 100 अरब डॉलर से अधिक की राशि अन्य देशों को भेजी गई। इसके बाद सऊदी अरब (46 अरब डॉलर), स्विट्जरलैंड (40 अरब डॉलर) और जर्मनी (24 अरब डॉलर) का स्थान रहा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उच्च शिक्षा के मामले में भी भारतीय छात्र अग्रणी भूमिका में हैं। वर्ष 2022 के आंकड़ों के अनुसार, चीन (10 लाख छात्र) के बाद भारत 6.2 लाख छात्रों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि भारतीय प्रवासी समुदाय न केवल पैसा भेज रहा है, बल्कि देश के प्रौद्योगिकी क्षेत्र के विस्तार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। IOM ने सुझाव दिया है कि सही नीतियों के जरिए 'ब्रेन ड्रेन' (प्रतिभा पलायन) की चुनौती को 'ब्रेन गेन' में बदला जा सकता है।
Location : New Delhi
Published : 6 May 2026, 6:15 AM IST