
इतिहास के 5 सबसे खतरनाक गर्मी वाले साल (Img: AI)
New Delhi: भारत में इस समय भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। राजस्थान से लेकर उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र तक कई शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है। यूपी का बांदा लगातार देश के सबसे गर्म शहरों में बना हुआ है, जहां तापमान 48.2°C तक दर्ज किया गया। इसी बीच देश के इतिहास में दर्ज उन वर्षों पर भी चर्चा तेज हो गई है, जब पारा 50°C को पार कर गया था।
राजधानी दिल्ली में अधिकतम तापमान 45.1°C दर्ज किया गया, जो पिछले दो वर्षों में सबसे अधिक है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल कोई मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है, जिससे आने वाले दिनों में राहत मिलने की संभावना कम है।
1956 में राजस्थान के अलवर में तापमान 50.6°C दर्ज किया गया था। उस दौर में आधुनिक सुविधाओं के अभाव के कारण लोगों को अत्यधिक कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।
भारत के मौसम इतिहास का सबसे अधिक तापमान 2016 में राजस्थान के फलोदी में 51°C दर्ज किया गया। यह अब तक का सर्वाधिक तापमान माना जाता है, जिसने पूरे देश में गर्मी का नया रिकॉर्ड बनाया।
2019 में राजस्थान के चूरू में 50.8°C तापमान रिकॉर्ड किया गया। इसी वर्ष जैसलमेर के रामगढ़ में भी तापमान 50°C के करीब पहुंच गया था, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।
2024 में एक बार फिर राजस्थान के फलोदी में तापमान 50°C तक पहुंच गया। कई राज्यों में रेड अलर्ट जारी करना पड़ा और लोगों को दोपहर में घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई।
2022 में उत्तर प्रदेश का बांदा क्षेत्र अत्यधिक गर्मी के कारण सुर्खियों में रहा। यहां तापमान 49°C तक पहुंचा था और इस साल भी यह क्षेत्र लगातार 46°C से ऊपर बना हुआ है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में कुछ क्षेत्रों में तापमान 47°C से भी अधिक जा सकता है। लगातार बढ़ती गर्मी जलवायु परिवर्तन के गंभीर संकेत दे रही है और यह स्थिति आने वाले समय में और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
Location : New Delhi
Published : 3 June 2026, 9:07 AM IST