अब फिर चलेगा भारत-चीन का कारोबार! छह साल बाद खुल रहा शिपकी ला रास्ता, भारतीय व्यापारियों को मिलेगा बड़ा मौका

छह साल से बंद पड़ा भारत-चीन का एक अहम व्यापारिक रास्ता अब फिर खुलने जा रहा है। इस फैसले से स्थानीय व्यापारियों में नई उम्मीद जगी है। भारतीय कारोबारी तिब्बत जाकर सीमित समय तक व्यापार कर सकेंगे और कई जरूरी सामान भारत ला सकेंगे।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 29 July 2026, 4:24 PM IST

New Delhi: करीब छह साल से बंद पड़ा भारत-चीन का ऐतिहासिक व्यापारिक मार्ग एक बार फिर गुलजार होने जा रहा है। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के पूह उपमंडल में स्थित शिपकी ला दर्रे के रास्ते एक अगस्त से सीमा पार व्यापार दोबारा शुरू होगा। इस फैसले से सीमावर्ती इलाकों के व्यापारियों में उत्साह है, क्योंकि लंबे इंतजार के बाद उन्हें फिर से तिब्बत के बाजारों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।

इस व्यापारिक गतिविधि की शुरुआत बागवानी एवं राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी करेंगे। इसके साथ ही छुप्पन ट्रेड मार्ट का भी शुभारंभ होगा, जिससे सीमा पार व्यापार को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

छह साल बाद फिर खुला व्यापार का रास्ता

साल 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान सुरक्षा कारणों से भारत-चीन सीमा पर शिपकी ला के रास्ते होने वाला व्यापार रोक दिया गया था। इसके बाद यह मार्ग लंबे समय तक बंद रहा। पिछले वर्ष विदेश मंत्रालय ने इस व्यापारिक मार्ग को दोबारा शुरू करने की मंजूरी दी थी। अब सभी आवश्यक तैयारियां पूरी होने के बाद व्यापार फिर शुरू होने जा रहा है।

पहले चरण में स्थानीय व्यापारियों को मिलेगा मौका

इस बार व्यापार की शुरुआत सीमित स्तर पर की जा रही है। फिलहाल केवल पूह खंड के स्थानीय व्यापारी ही इसमें हिस्सा ले सकेंगे। अब तक करीब 60 व्यापारियों ने अपना पंजीकरण कराया है, जबकि पहले दिन 15 व्यापारियों का दल तिब्बत के लिए रवाना होगा। इन व्यापारियों को तिब्बत में 72 घंटे तक कारोबार करने की अनुमति होगी। इस दौरान वे अपना सामान बेच सकेंगे और वहां से जरूरी वस्तुएं खरीदकर भारत वापस लौटेंगे।

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सिर्फ भारतीय व्यापारी ही पार करेंगे सीमा

इस व्यापारिक व्यवस्था की सबसे खास बात यह है कि इस मार्ग से केवल भारतीय व्यापारी ही सीमा पार कर तिब्बत जाएंगे। चीन की ओर से कोई भी व्यापारी भारत नहीं आएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य सीमा पार व्यापार को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संचालित करना है। इससे भारतीय व्यापारियों को नए बाजार मिलने के साथ स्थानीय उत्पादों की मांग बढ़ने की भी उम्मीद है।

किन चीजों का होगा आयात और निर्यात?

शिपकी ला के रास्ते भारतीय व्यापारी करीब 20 तरह की वस्तुएं तिब्बत ले जा सकेंगे। इनमें हथकरघा शॉल, कृषि उपकरण, आयुर्वेदिक दवाइयां और अन्य स्थानीय उत्पाद प्रमुख हैं। वहीं तिब्बत से भारत में 35 प्रकार की वस्तुओं का आयात किया जाएगा। इनमें याक ऊन, पश्मीना ऊन, जूते और अन्य उपयोगी सामान शामिल हैं। जरूरत और बाजार की मांग के अनुसार भविष्य में इस सूची में बदलाव भी किया जा सकता है।

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स्थानीय कारोबार को मिलेगा नया सहारा

शिपकी ला के रास्ते व्यापार शुरू होने से किन्नौर और आसपास के इलाकों के व्यापारियों, किसानों और बागवानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से बंद इस मार्ग के कारण कई स्थानीय कारोबार प्रभावित हुए थे। अब दोबारा व्यापार शुरू होने से रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

हाल के वर्षों में भारत और चीन के संबंध कई मुद्दों को लेकर चर्चा में रहे हैं। ऐसे समय में शिपकी ला मार्ग से व्यापार दोबारा शुरू होना सीमावर्ती व्यापार के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Location :  New Delhi

Published :  29 July 2026, 4:24 PM IST