अंग्रेजी पाबंदियों पर भारी पड़ी कलम की ताकत, आजादी के आंदोलन में पत्रकारिता बनी क्रांति का सबसे बड़ा हथियार

भारत के स्वतंत्रता संग्राम में कई ऐसे महान नेता थे, जिन्होंने सिर्फ आंदोलन ही नहीं किया बल्कि पत्रकारिता को भी अंग्रेजी शासन के खिलाफ एक मजबूत हथियार बनाया।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 13 August 2026, 3:23 PM IST

New Delhi: ब्रिटिश शासन के दौरान प्रेस पर कई तरह की पाबंदियां लगाई गईं, लेकिन इसके बावजूद अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने समाचार पत्रों और अन्य माध्यमों से जनता को जागरूक किया। पत्रकारिता उस दौर में केवल खबरें देने का माध्यम नहीं थी, बल्कि आजादी के आंदोलन को मजबूत करने का एक प्रभावी साधन भी थी।

महात्मा गांधी ने कई पत्रों का किया संपादन

महात्मा गांधी ने यंग इंडिया, नवजीवन, हरिजन और इंडियन ओपिनियन जैसे समाचार पत्रों का संपादन किया। इन प्रकाशनों के माध्यम से उन्होंने सत्य, अहिंसा, स्वराज और सामाजिक सुधारों का संदेश देशभर में पहुंचाया।

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बाल गंगाधर तिलक ने शुरू किए 'केसरी' और 'मराठा'

लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने मराठी समाचार पत्र केसरी और अंग्रेजी साप्ताहिक द मराठा (Mahratta) की स्थापना की। इन पत्रों ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ जनमत तैयार करने और राष्ट्रीय चेतना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

गणेश शंकर विद्यार्थी ने 'प्रताप' से उठाई जनता की आवाज

हिंदी पत्रकारिता के प्रमुख स्तंभ गणेश शंकर विद्यार्थी ने प्रताप समाचार पत्र की स्थापना की। उन्होंने किसानों, मजदूरों और आम लोगों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया तथा स्वतंत्रता आंदोलन को मजबूत करने में अहम योगदान दिया।

उषा मेहता ने चलाया गुप्त कांग्रेस रेडियो

भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान उषा मेहता ने भूमिगत कांग्रेस रेडियो का संचालन किया। जब अंग्रेजों ने प्रेस पर नियंत्रण बढ़ा दिया था, तब इस रेडियो के जरिए बिना सेंसर की गई खबरें और स्वतंत्रता आंदोलन के संदेश लोगों तक पहुंचाए गए।

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आज भी प्रेस की आजादी लोकतंत्र की जरूरत

सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में कहा गया है कि जिस तरह स्वतंत्रता संग्राम के दौरान पत्रकार आजादी के योद्धा थे, उसी तरह आज भी स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है। पत्रकारों की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला माना जाता है।

Location :  New Delhi

Published :  13 August 2026, 3:23 PM IST