
12वीं बार लाल किले से तिरंगा फहराएंगे पीएम मोदी (Img: Google)
New Delhi: हर साल 15 अगस्त का दिन भारतवासियों के लिए गर्व, सम्मान और देशभक्ति से ओतप्रोत होता है। यह दिन केवल एक औपचारिक पर्व नहीं, बल्कि हमारे देश के उन वीर सपूतों को श्रद्धांजलि देने का अवसर है, जिन्होंने देश को आज़ाद कराने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। 2025 का स्वतंत्रता दिवस विशेष रूप से ऐतिहासिक बन गया है क्योंकि इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12वीं बार लाल किले से तिरंगा फहराने जा रहे हैं।
क्यों है स्वतंत्रता दिवस 2025 खास?
15 अगस्त 1947 को भारत को ब्रिटिश हुकूमत से आज़ादी मिली थी। इस दिन की ऐतिहासिक अहमियत को हर साल पूरे देश में झंडा वंदन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और देशभक्ति से जुड़े आयोजनों के माध्यम से मनाया जाता है। लेकिन 2025 का स्वतंत्रता दिवस इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह प्रधानमंत्री मोदी का लगातार 12वां भाषण होगा जो वे लाल किले से देंगे।
पीएम मोदी की 12वीं प्रस्तुति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से हर साल लाल किले से तिरंगा फहराया है। 2024 में उन्होंने 11वीं बार तिरंगा फहराकर डॉ. मनमोहन सिंह को पीछे छोड़ दिया था। इस बार, 2025 में वे 12वीं बार यह ऐतिहासिक कर्तव्य निभाएंगे। हर बार की तरह वे इस बार भी देश की उपलब्धियों, चुनौतियों और आगे की योजनाओं पर बात करेंगे।
नेहरू और इंदिरा गांधी से कितनी दूर हैं मोदी?
लाल किले से सबसे ज्यादा बार तिरंगा फहराने का गौरव भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को है। उन्होंने कुल 17 बार यह कार्य किया। उनके बाद पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 16 बार तिरंगा फहराया। अब पीएम मोदी तीसरे स्थान पर हैं और लगातार तीसरी बार यह रिकॉर्ड तोड़ने की ओर अग्रसर हैं।
अन्य प्रधानमंत्रियों की स्थिति
डॉ. मनमोहन सिंह – 10 बार
अटल बिहारी वाजपेयी – 6 बार
पीवी नरसिम्हा राव और राजीव गांधी – 5-5 बार
पहला झंडा कहां फहराया गया था?
स्वतंत्र भारत में पहला सार्वजनिक झंडा फहराने का कार्यक्रम 15 अगस्त 1947 की दोपहर को प्रिंसेस पार्क (इंडिया गेट, नई दिल्ली) में हुआ था। पंडित नेहरू ने तिरंगा फहराया और उस पल को और खास बना दिया जब झंडा फहराते समय आकाश में इंद्रधनुष दिखाई दिया। यह दृश्य देश की नई शुरुआत का प्रतीक बन गया।
Location : New Delhi
Published : 13 August 2025, 8:14 AM IST