IMT मानेसर बवाल का खुलासा! व्हाट्सएप चैट से साजिश बेनकाब, मैनेजर को मारने की थी प्लानिंग

गुरुग्राम के IMT मानेसर में 9 अप्रैल को हुए हिंसक बवाल में पुलिस जांच के दौरान चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपियों ने पूछताछ में सुनियोजित साजिश कबूली है, जिसमें मैनेजर की हत्या और कंपनियों में आगजनी की योजना शामिल थी। व्हाट्सएप चैट और वॉइस मैसेज से पूरे नेटवर्क की परतें खुल रही हैं।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 15 April 2026, 2:38 PM IST

Gurugram: गुरुग्राम के IMT मानेसर में 9 अप्रैल को भड़की हिंसा अब महज अचानक हुआ बवाल नहीं लग रही, बल्कि इसके पीछे एक खतरनाक और सुनियोजित साजिश की परतें सामने आ रही हैं। पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों ने पूछताछ में जो खुलासे किए हैं, उन्होंने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। आरोपियों ने न सिर्फ दंगा भड़काने की योजना कबूली है, बल्कि एक कंपनी के मैनेजर की हत्या तक की साजिश रची गई थी। मोबाइल से मिली व्हाट्सएप चैट और वॉइस मैसेज ने इस पूरे खेल की पोल खोल दी है।

व्हाट्सएप चैट में खुली साजिश की कहानी

अपराध शाखा मानेसर की जांच में सबसे बड़ा सबूत आरोपियों के मोबाइल से मिला है। पुलिस ने जब फोन खंगाले तो एक व्हाट्सएप ग्रुप में बेहद खतरनाक बातचीत सामने आई। एक आरोपी ने साफ लिखा “मैनेजर रामबीर को मारना है।” वहीं दूसरे ने मैसेज किया “आगे पुलिस वाले हैं, पीछे से आओ और आग लगा दो।” इतना ही नहीं, चैट में शराब ठेके से बीयर लाने, रात में पेट्रोल बम से कंपनी में आग लगाने और पुलिस को चुनौती देने जैसे संदेश भी मिले हैं। एक मैसेज में लिखा गया “रात तक इंतजार करो, फिर आग लगा दो… देखते हैं पुलिस क्या करेगी।” हालांकि ये चैट सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी हैं, लेकिन पुलिस अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि करने से बच रही है।

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कई का कंपनी से कोई लेना-देना नहीं

इस मामले में अब तक 61 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें करीब 15 महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है कि गिरफ्तार किए गए कई आरोपी गुरुग्राम की किसी भी कंपनी में काम नहीं करते थे। जांच के अनुसार, इन लोगों ने हड़ताल कर रहे मजदूरों को उकसाया और उन्हें तोड़फोड़, आगजनी और पुलिस पर पथराव करने के लिए भड़काया। इससे यह साफ हो रहा है कि हिंसा को सुनियोजित तरीके से बढ़ाने की कोशिश की गई थी।

मुख्य आरोपियों से गहन पूछताछ

अपराध शाखा मानेसर अब तक कुल 17 आरोपियों से गहन पूछताछ कर चुकी है। इनमें छह मुख्य आरोपी आकाश, हरीश चंद, पिंटू कुमार यादव, राजू सिंह, श्यामबीर और अजीत सिंह शामिल हैं। बताया जा रहा है कि ये आरोपी ‘इंकलाब मजदूर संगठन’ से जुड़े हुए हैं, जो कि कोई पंजीकृत संगठन नहीं है। पुलिस अब इस संगठन के नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है। जांच अधिकारी मनोज (प्रभारी, अपराध शाखा मानेसर) के मुताबिक, पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं और जल्द ही पूरे मामले का बड़ा खुलासा किया जाएगा।

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पुलिस की सख्ती और श्रमिकों से संवाद

फरीदाबाद और नोएडा में पहले बिगड़े हालात से सबक लेते हुए गुरुग्राम पुलिस अब पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। हाल ही में पथरेड़ी-बिलासपुर इलाके में एक कंपनी के बाहर मजदूरों के इकट्ठा होने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और हालात को शांतिपूर्ण तरीके से संभाल लिया। पुलिस ने श्रमिकों को हरियाणा सरकार के वेतन नियमों की जानकारी दी और उन्हें कानून के दायरे में रहकर अपनी मांग रखने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा, पटौदी, फर्रुखनगर, जमालपुर और बिलासपुर इलाके में कंपनियों और ठेकेदारों के साथ एक अहम बैठक भी की गई। इसमें अधिकारियों ने साफ निर्देश दिए कि श्रमिकों को तय वेतनमान के अनुसार भुगतान किया जाए और किसी भी तरह का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

फरीदाबाद में भी उबाल

इस पूरे घटनाक्रम के बीच फरीदाबाद के सेक्टर-37 स्थित मदरसन कंपनी के बाहर भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर हजारों कर्मचारी लगातार दूसरे दिन भी धरने पर बैठे रहे। करीब 36 डिग्री तापमान में भी कर्मचारियों का गुस्सा कम नहीं हुआ। सोमवार को प्रशासन और कंपनी के बीच बातचीत के बावजूद लिखित आश्वासन न मिलने से नाराज मजदूरों ने प्रदर्शन जारी रखा।

Location :  Gurugram

Published :  15 April 2026, 2:38 PM IST