
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (सोर्स: गूगल)
New Delhi: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार गिरावट देखने को मिली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स BSE Sensex खुलते ही करीब 944 अंक टूट गया। जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Nifty 50 भी 275 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ कारोबार करता नजर आया।
सेंसेक्स अपने पिछले बंद 77,328 अंक के मुकाबले गिरकर 76,638 पर खुला और कुछ ही मिनटों में 76,363 तक फिसल गया। वहीं निफ्टी भी 24,176 के मुकाबले 23,970 पर खुला और देखते ही देखते 23,895 तक टूट गया। बाजार में शुरुआती कारोबार से ही भारी दबाव देखने को मिला।
क्यों डर गया शेयर बाजार?
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस गिरावट के पीछे कई बड़े कारण हैं। सबसे बड़ा असर प्रधानमंत्री Narendra Modi के उस बयान का माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने और पेट्रोल-डीजल की बचत करने की अपील की थी।
पीएम मोदी ने क्या कहा था?
पीएम मोदी ने कहा था कि पड़ोसी देशों में जारी युद्ध का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है। उन्होंने लोगों से मेट्रो, कारपूलिंग और ईंधन बचत जैसे उपाय अपनाने की बात कही थी। बाजार ने इस बयान को संभावित आर्थिक दबाव और वैश्विक संकट के संकेत के तौर पर लिया।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से दबाव
शेयर बाजार पर दूसरा बड़ा दबाव मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता में गतिरोध के कारण आया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में तीन फीसदी से ज्यादा उछाल दर्ज किया गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से भारत में महंगाई बढ़ने की आशंका गहरा गई है। चूंकि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने का सीधा असर अर्थव्यवस्था और कंपनियों की लागत पर पड़ता है। सोमवार को बाजार में लगभग हर सेक्टर लाल निशान में कारोबार करता दिखा। आईटी, बैंकिंग, फार्मा और मेटल सेक्टर के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली।
Location : New Delhi
Published : 11 May 2026, 10:42 AM IST