तिहाड़ जेल में VIP ट्रीटमेंट के नाम पर वसूली के आरोप, गृह विभाग ने मांगा हिसाब

दिल्ली की जेलों में कैदियों से कथित वसूली और VIP ट्रीटमेंट के आरोपों पर गृह विभाग सख्त। तीन साल से एक जगह तैनात कर्मचारियों का ब्योरा और शिकायतों पर कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी गई।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 24 October 2026, 11:30 AM IST
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नई दिल्ली: दिल्ली की जेलों में कैदियों से कथित तौर पर पैसे मांगने और VIP ट्रीटमेंट के बदले वसूली किए जाने की शिकायतों पर गृह विभाग ने सख्ती दिखाई है। विभाग ने जेलों में भ्रष्टाचार रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत तीन साल से अधिक समय से एक ही स्थान पर तैनात जेल अधिकारियों और कर्मचारियों का पूरा ब्योरा मांगा गया है। साथ ही, तबादलों से जुड़े आदेशों की प्रतियां भी गृह विभाग को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

विशेष सचिव की बैठक में शिकायतों की समीक्षा

16 अक्टूबर को विशेष सचिव (गृह-II) की अध्यक्षता में हुई बैठक में जेलों से मिली शिकायतों पर की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई। बैठक में कैदियों से कथित तौर पर पैसे मांगने और जेल में विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने के बदले वसूली जैसे मामलों पर संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई।

गृह विभाग का यह कदम जेलों में कर्मचारियों की तैनाती और शिकायतों पर कार्रवाई की निगरानी मजबूत करने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।

तीन साल से एक ही जगह तैनात कर्मचारियों पर नजर

गृह विभाग ने जेल प्रशासन से उन अधिकारियों और कर्मचारियों का विवरण मांगा है, जो तीन साल से अधिक समय से एक ही स्थान पर तैनात हैं। इसके अलावा, कर्मचारियों के तबादले से संबंधित आदेशों की प्रति गृह विभाग के विशेष सचिव-II को अनिवार्य रूप से भेजने का निर्देश दिया गया है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात कर्मचारियों की पोस्टिंग और तबादलों की प्रक्रिया पर निगरानी रखना है। इससे जेल प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों पर कार्रवाई की समीक्षा करने में मदद मिल सकती है।

कैदी की शिकायत में अधिकारियों पर वसूली के आरोप

जेल में कथित वसूली से जुड़ी एक शिकायत इसी साल 6 जुलाई को कैदी राजेंद्र की ओर से दी गई थी। राजेंद्र तिहाड़ की केंद्रीय जेल नंबर-2 में बंद है। शिकायत में दो डिप्टी सुपरिंटेंडेंट, मनमोहन और एक सुपरिंटेंडेंट पर VIP ट्रीटमेंट देने के बदले पैसे मांगने के आरोप लगाए गए थे।

इस मामले में तिहाड़ के डीआईजी को 10 दिनों के भीतर कार्रवाई संबंधी रिपोर्ट (Action Taken Report) पेश करने का निर्देश दिया गया है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही हो सकेगी।

सितंबर में भी मिली थी शिकायत

इसके बाद 8 सितंबर को सुशील कुमार की ओर से केंद्रीय जेल नंबर-1 में तैनात एक डिप्टी सुपरिंटेंडेंट के खिलाफ शिकायत मिली थी। इन शिकायतों के मद्देनजर जेल प्रशासन से कार्रवाई की जानकारी मांगी गई है।

दिल्ली की जेलों में भ्रष्टाचार और कथित वसूली से संबंधित शिकायतों पर गृह विभाग की समीक्षा के बाद अब लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात कर्मचारियों के विवरण और तबादलों के रिकॉर्ड पर भी निगरानी रखी जाएगी। इन कदमों का असर शिकायतों की जांच और जेल प्रशासन की जवाबदेही पर किस तरह पड़ता है, यह आगे की कार्रवाई से स्पष्ट होगा।

Location :  New Delhi

Published :  24 October 2026, 11:30 AM IST

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