|Video| गायत्री परिवार के उत्सव में जुटीं हस्तियां, पूर्व CJI चंद्रचूड़ ने पत्रकार मनोज टिबड़ेवाल को नवाजा, कही बड़ी बात

दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में अखिल विश्व गायत्री परिवार का तीन दिवसीय शताब्दी समारोह संपन्न हुआ। इस मौके पर पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने डाइनामाइट न्यूज़ के एडिटर-इन-चीफ और वरिष्ठ पत्रकार मनोज टिबड़ेवाल आकाश को उत्कृष्ट पत्रकारिता में योगदान के लिए सम्मानित किया। देखिए वीडियो Dynamite News पर।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 2 November 2026, 6:47 PM IST

New Delhi : दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में अखिल विश्व गायत्री परिवार का तीन दिवसीय शताब्दी समारोह सोमवार को संपन्न हो गया। माता भगवती देवी शर्मा की जन्म शताब्दी, अखंड दीप के सौ वर्ष और पं. श्रीराम शर्मा आचार्य की साधना के सौ वर्ष के इस उत्सव के समापन पर पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल मौजूद रहे। इसी गरिमामयी समारोह में डाइनामाइट न्यूज़ के एडिटर-इन-चीफ और वरिष्ठ पत्रकार मनोज टिबड़ेवाल आकाश को उत्कृष्ट पत्रकारिता में विशिष्ट योगदान के लिए चंद्रचूड़ ने सम्मानित किया।

चंद्रचूड़ ने क्या कहा

डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि संत ज्ञानेश्वर की बातें आज भी लोगों को सही रास्ता दिखाती हैं। संत ज्ञानेश्वर की 750वीं जयंती का जिक्र करते हुए उन्होंने 'पसायदान' के 10 छंदों का मतलब समझाया। इन छंदों में यही कामना है कि समाज से बुराई खत्म हो, लोगों में प्रेम और भाईचारा बढ़े और दुनिया में ज्ञान की रोशनी फैले।

उन्होंने कहा कि गायत्री मंत्र के 24 अक्षरों में पूरी दुनिया के लिए आध्यात्मिक सोच छिपी है। आज दुनिया में जंग और टकराव चल रहा है और AI के दौर में अनिश्चितता भी बढ़ रही है। ऐसे में यह मंत्र मन को शांति और साफ सोच देता है।

पीयूष गोयल बोले- सिर्फ जीडीपी काफी नहीं

पीयूष गोयल ने कहा कि भारत को अपनी विरासत संभालकर रखते हुए नई तकनीक और नई सोच के साथ आगे बढ़ना होगा। गायत्री परिवार सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है। यह शिक्षा, समाज सेवा, महिलाओं को मजबूत बनाने, नशा मुक्त भारत और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर भी काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत बनाने के लिए 140 करोड़ लोगों को मिलकर काम करना होगा। देश की जीडीपी बढ़ाने के साथ-साथ लोगों का चरित्र और नैतिक मूल्य भी मजबूत होने चाहिए। गोयल ने कहा कि माता जी और गुरुदेव के बताए रास्ते पर चलना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इसके लिए ईमानदारी, अच्छे संस्कार और सेवा की भावना अपनानी चाहिए।

अगले 100 साल के लिए नई योजनाएं

देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति-कुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि गायत्री परिवार के पिछले 100 साल बेहद खास और दिव्य रहे हैं। तीन दिन के इस समारोह का हिस्सा बनकर वे बहुत खुश हैं। उन्होंने बताया कि आने वाले 100 सालों के लिए गायत्री परिवार ने कई नई योजनाएं बनाई हैं।

Location :  New delhi

Published :  2 November 2026, 6:44 PM IST