
पराली और वाहनों के धुएं से बिगड़ी हवा (Img- Pinterest)
New Delhi: राजधानी दिल्ली में मौसम की परिस्थितियां प्रतिकूल होते ही वायु प्रदूषण ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। सोमवार को दिल्ली की हवा में प्रदूषकों की मात्रा बढ़ने के पीछे पड़ोसी राज्यों से आने वाला धुआं और वाहनों से निकलने वाला उत्सर्जन प्रमुख कारण रहे। भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (DSS) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के PM2.5 प्रदूषण में पड़ोसी राज्यों के 19 जिलों से आने वाले प्रदूषकों की हिस्सेदारी 35 प्रतिशत रही।
वहीं, वाहनों के धुएं का योगदान करीब 20.078 प्रतिशत दर्ज किया गया। अब पंजाब और हरियाणा में पराली जलने से उठने वाला धुआं भी राजधानी की हवा को प्रभावित करने लगा है। अनुमान है कि अगले तीन दिनों में पराली के धुएं की हिस्सेदारी बढ़कर 22 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।
IITM के DSS आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को दिल्ली के PM2.5 प्रदूषण में अलग-अलग स्रोतों का योगदान दर्ज किया गया। इसमें पड़ोसी राज्यों के 19 जिलों से आने वाले प्रदूषकों की हिस्सेदारी सबसे अधिक 35 प्रतिशत रही। इसके बाद वाहनों से निकलने वाले धुएं का योगदान 20.078 प्रतिशत दर्ज किया गया।
दिल्ली में प्रदूषण ने फिर बढ़ाई चिंता, अक्षरधाम में AQI 349; इन इलाकों का हाल भी खराब
अन्य छोटे-बड़े स्रोतों से करीब 17.074 प्रतिशत प्रदूषण हुआ। वहीं, पराली जलाने से निकलने वाले धुएं की हिस्सेदारी फिलहाल लगभग आठ प्रतिशत रही। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि दिल्ली की हवा पर स्थानीय और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले प्रदूषकों का असर बना हुआ है।
अगले तीन दिनों में प्रदूषण बढ़ने की आशंका (Img- Pinterest)
प्रदूषण को लेकर जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, मंगलवार से दिल्ली की हवा में पराली के धुएं की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ सकती है। अगले तीन दिनों में इसका योगदान मौजूदा आठ प्रतिशत से बढ़कर 22 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है। इस दौरान वाहनों के धुएं की हिस्सेदारी भी करीब 15 प्रतिशत रह सकती है। ऐसे में पराली और वाहनों से होने वाला प्रदूषण राजधानी के लिए चुनौती बना रहेगा। मौसम की परिस्थितियों में कुछ सुधार होने के बावजूद प्रदूषण में बड़ी गिरावट की संभावना कम बताई गई है।
पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली में अगले चार दिनों तक आसमान मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है। हालांकि, वातावरण में नमी के कारण सुबह के समय धुंध छाई रह सकती है। इस दौरान हवा की दिशा उत्तर-पश्चिमी रहने का अनुमान है। दोपहर के समय हवा की गति 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं, शाम और रात में इसकी रफ्तार घटकर 10 से 12 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है।
मौसम और प्रदूषण के मौजूदा अनुमानों को देखते हुए दिल्लीवासियों को फिलहाल पूरी राहत मिलने की संभावना नहीं है। पराली के धुएं की बढ़ती हिस्सेदारी और वाहनों से होने वाला उत्सर्जन हवा की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। अगले कुछ दिनों में प्रदूषण का स्तर किस दिशा में जाएगा, यह मौसम की स्थिति और प्रदूषकों के फैलाव पर निर्भर करेगा। ऐसे में आने वाले तीन दिन राजधानी के लिए अहम रहने वाले हैं।
Location : New Delhi
Published : 3 November 2026, 9:11 AM IST