अगर ये सच है तो सवाल बहुत बड़े हैं, दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन चलाने के आदेश का दावा, कांग्रेस ने उठाए सवाल

दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। एक दस्तावेज और जांच से जुड़े दावों के बाद कई सवाल उठ रहे हैं, जबकि पहले ऐसे आरोपों से इनकार किया गया था। आखिर इस पूरे मामले में क्या नया सामने आया है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 28 July 2026, 3:19 PM IST

New Delhi: राजधानी दिल्ली में हाल ही में हुए प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। संसद मार्ग थाने की जनरल डायरी (जीडी) की एक एंट्री सामने आने के बाद यह दावा किया जा रहा है कि रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) ने एक पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) के निर्देश पर एंटी-रायट गन से प्लास्टिक पैलेट कारतूस दागे थे।

जांच में क्या सामने आया?

बताया जा रहा है कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की जांच में यह सामने आया कि आरएएफ के एक जवान ने अपनी पैलेट गन से कई राउंड फायर किए, जिनमें कुछ राउंड प्रदर्शनकारियों को लगे। इसके अगले दिन सामने आई जनरल डायरी की एंट्री में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग तरह के एंटी-रायट उपकरणों के इस्तेमाल का उल्लेख होने का दावा किया गया है। इसी में प्लास्टिक पैलेट कारतूस के दो राउंड चलाने का भी जिक्र बताया जा रहा है।

हालांकि, इस दस्तावेज़ को लेकर अलग-अलग पक्ष अपनी-अपनी दलीलें दे रहे हैं और पूरे मामले पर चर्चा तेज हो गई है।

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इस मामले को लेकर कांग्रेस ने भी अपने आधिकारिक एक्स हैण्डल पर एक पोस्ट साझा करते हुए सवाल उठाए हैं।

पहले इनकार, अब उठ रहे नए सवाल

इस मामले की सबसे बड़ी बात यह है कि प्रदर्शन के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस ने पैलेट गन के इस्तेमाल की खबरों को पूरी तरह गलत बताया था। पुलिस की ओर से कहा गया था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चलाए जाने का दावा भ्रामक है और लोगों से अपुष्ट जानकारी साझा न करने की अपील की गई थी। अब जीडी एंट्री और जांच से जुड़े दावों के सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने सरकार और पुलिस से जवाब मांगा है। कांग्रेस ने भी इस मुद्दे को सोशल मीडिया पर उठाते हुए कई सवाल खड़े किए हैं।

प्रदर्शन के दौरान कई लोग हुए थे घायल

20 जुलाई को आयोजित प्रदर्शन के बाद कई लोगों ने पैलेट जैसी चोटें लगने का दावा किया था। कुछ घायलों की तस्वीरें भी सामने आई थीं। इनमें एक छात्र की आंख को गंभीर नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई गई थी। इसी के बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।

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हालांकि, यह स्पष्ट होना अभी बाकी है कि सभी चोटें किस परिस्थिति में लगीं और जांच का अंतिम निष्कर्ष क्या होगा। इस संबंध में आधिकारिक जांच और कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है।

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

घटना के बाद दो प्रभावित लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर भीड़ नियंत्रण के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि ऐसे हथियारों से गंभीर और स्थायी चोट लग सकती है, इसलिए इनके उपयोग की नीति की समीक्षा की जानी चाहिए।

Location :  New Delhi

Published :  28 July 2026, 3:19 PM IST