दिल्ली पुलिस की नई एडवाइजरी: प्रदर्शन कवर करने वाले पत्रकारों के लिए जारी हुए निर्देश, जानिए क्या है पूरा मामला

राजधानी में विरोध प्रदर्शनों की कवरेज को लेकर दिल्ली पुलिस ने नई एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत पत्रकारों को स्पष्ट पहचान रखने, आईडी कार्ड दिखने और पुलिस कार्रवाई में बाधा न डालने की अपील की गई है। यह निर्देश जंतर-मंतर पर महिला पत्रकारों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों और उसके बाद हुए प्रदर्शनों के बैकग्राउंड में सामने आया है, जिसकी जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 6 October 2026, 8:42 AM IST

New Delhi: राजधानी दिल्ली में लगातार हो रहे विरोध-प्रदर्शनों और कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए, दिल्ली पुलिस ने मीडियाकर्मियों के लिए एक नई एडवाइजरी जारी की है। इस निर्देश का मुख्य उद्देश्य कवरेज के दौरान पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और पुलिस के साथ किसी भी प्रकार के टकराव या भ्रम की स्थिति को टालना है। पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि खबर का महत्व अपनी जगह है, लेकिन उसे सुरक्षित और सही तरीके से कवर करना भी उतना ही जरूरी है।

पहचान पत्र दिखाना हुआ अनिवार्य

दिल्ली पुलिस की ओर से जारी दिशा-निर्देशों में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि विरोध-प्रदर्शन को कवर करने के लिए मौके पर पहुंचने वाले हर पत्रकार के पास उनके संस्थान का वैध पहचान पत्र होना चाहिए। इसके साथ ही, जिन पत्रकारों के पास प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) या डायरेक्टरेट ऑफ इंफॉर्मेशन एंड पब्लिसिटी (DIP) के मान्यता कार्ड हैं, उन्हें भी अपने साथ रखने की सलाह दी गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पहचान पत्र को हमेशा इस तरह प्रदर्शित किया जाना चाहिए ताकि ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मी दूर से ही पत्रकार की पहचान आसानी से कर सकें।

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सुरक्षित दूरी और पुलिस कार्रवाई में सहयोग

एडवाइजरी के अनुसार, कवरेज के दौरान पत्रकारों की मौजूदगी या उनकी कार्यशैली से कानून-व्यवस्था संभाल रहे जवानों के कामकाज और आवाजाही में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए। विशेष तौर पर तनावपूर्ण या हिंसक स्थितियों के दौरान पत्रकारों को सलाह दी गई है कि वे घटनास्थल से उचित और सुरक्षित दूरी बनाकर रखें। पुलिस का मानना है कि इससे किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सकेगा और पत्रकार सुरक्षित माहौल में अपना काम कर पाएंगे।

प्रदर्शनकारियों से अलग नजर आएं मीडियाकर्मी

तनावपूर्ण हालात के दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच अक्सर भ्रम की स्थिति बन जाती है। इसे दूर करने के लिए पुलिस ने पत्रकारों से आग्रह किया है कि वे ऐसे स्थान पर खड़े हों जहां से उनकी उपस्थिति प्रदर्शनकारियों से पूरी तरह अलग और स्पष्ट नजर आए। इससे मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों को यह समझने में आसानी होगी कि कौन पत्रकार है और कौन प्रदर्शन में शामिल आम नागरिक या प्रदर्शनकारी, जिससे गलतफहमी की गुंजाइश खत्म होगी।

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महिला पत्रकारों के आरोपों और विरोध प्रदर्शन की पृष्ठभूमि

यह पूरी एडवाइजरी ऐसे समय में सामने आई है जब कुछ दिन पहले ही महिला पत्रकारों से जुड़ी एक गंभीर घटना घटी थी। मिली जानकारी के अनुसार, तीन अक्टूबर को चुनाव आयोग के खिलाफ जंतर-मंतर पर एक प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इस दौरान कवरेज कर रही तीन महिला पत्रकारों ने कुछ पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे।

इस मामले की शिकायतें नई दिल्ली जिला पुलिस को सौंपी गई थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, दिल्ली पुलिस ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' के जरिए जानकारी दी कि स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए इन शिकायतों को क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया है। इस घटना के विरोध में कई स्वतंत्र पत्रकारों ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर जोरदार प्रदर्शन भी किया था। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। इसी गरमागरम माहौल और घटनाक्रम के बीच दिल्ली पुलिस की तरफ से यह नई एडवाइजरी जारी की गई है।

Location :  New Delhi

Published :  6 October 2026, 8:42 AM IST