
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बदली दिल्ली पुलिस की व्यवस्था (Source: Pinterest)
New Delhi: राजधानी दिल्ली में किसी व्यक्ति के अचानक लापता होने पर पुलिस की कार्रवाई का तरीका बदल गया है। अब ऐसे मामलों में पहले की तरह सिर्फ डीडी एंट्री या गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करके 24 घंटे इंतजार नहीं किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद दिल्ली पुलिस ने लापता लोगों के मामलों में तत्काल एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक 22 मई 2026 से अब तक जिन लोगों के लापता होने की सूचना डीडी में दर्ज की गई है, उन मामलों में भी एफआईआर दर्ज की जानी है। दिल्ली पुलिस ने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
पूर्वी जिले के पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने बताया कि 22 मई के बाद सामने आए गुमशुदगी के मामलों में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि अब लापता व्यक्ति से जुड़े मामलों में गुमशुदगी की रिपोर्ट के बजाय सीधे एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
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अब तक किसी व्यक्ति के गायब होने की सूचना मिलने पर पुलिस सबसे पहले डीडी एंट्री करती थी। नाबालिगों के मामलों को छोड़कर अन्य मामलों में 24 घंटे बाद एफआईआर दर्ज किए जाने की व्यवस्था थी। इस दौरान व्यक्ति की तलाश तो जारी रहती थी, लेकिन एफआईआर दर्ज करने में होने वाली देरी महत्वपूर्ण शुरुआती समय को प्रभावित कर सकती थी।
सुप्रीम कोर्ट ने लापता व्यक्ति की तलाश में शुरुआती घंटों की अहमियत पर जोर दिया है। अदालत के अनुसार किसी व्यक्ति के लापता होने की सूचना मिलने के बाद उसकी उम्र या लिंग को आधार बनाकर कार्रवाई में देरी नहीं की जानी चाहिए। पुलिस को सूचना मिलते ही कानूनी प्रक्रिया शुरू करनी होगी।
नई व्यवस्था के तहत पुलिस अब इस बात का इंतजार नहीं करेगी कि परिवार पहले खुद अपने स्तर पर लापता व्यक्ति को तलाश करे। न ही किसी प्रारंभिक जांच पूरी होने तक एफआईआर रोकी जाएगी। इसका उद्देश्य शिकायत मिलते ही तलाश और जांच की प्रक्रिया को गति देना है।
अदालत ने लापता होने के बाद के शुरुआती समय को ‘गोल्डन आवर्स’ माना है। इस अवधि में व्यक्ति का पता लगाने की संभावना अधिक रहती है। ऐसे में पुलिस को तत्काल सक्रिय होकर तलाश शुरू करने और उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया है।
राजधानी में हर साल बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की शिकायतें दर्ज होती हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में सालाना करीब 22 हजार से 24 हजार लोग लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराते हैं। वर्ष 2025 में यह संख्या 24,500 से अधिक बताई गई थी। यानी औसतन हर दिन करीब 53 से 54 लोगों के लापता होने की शिकायत सामने आती है।
लापता होने वालों में महिलाओं, युवा लड़कियों और नाबालिगों की संख्या भी काफी रहती है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार करीब 70 से 80 फीसदी लापता लोग बाद में सुरक्षित मिल जाते हैं। इनमें कुछ लोग खुद वापस लौटते हैं, जबकि कई लोगों को पुलिस की तलाश के बाद बरामद किया जाता है।
पुलिस के मुताबिक लापता होने की हर घटना के पीछे अपहरण की वजह हो, यह जरूरी नहीं है। कई मामलों में पारिवारिक विवाद या तनाव, बच्चों का नाराज होकर घर छोड़ना अथवा बुजुर्गों का रास्ता भटक जाना कारण बनता है। इसके बावजूद नई व्यवस्था के तहत हर गुमशुदगी की सूचना पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
Location : New Delhi
Published : 3 September 2026, 10:48 AM IST
Topics : Delhi Missing Persons Delhi Police Missing Person Case Missing Person FIR Supreme Court Order