दिल्ली पुलिस ने तिरुपुर से छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिन पर पाकिस्तान समर्थित आतंकी कंटेंट पोस्ट करने का आरोप है। कुल 8 अरेस्ट हुए। जानिए BNS की धारा 152 से जुड़ा कानून और पूरा मामला।

तमिलनाडु से 6 संदिग्धों को दबोचा
New Delhi: राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक बड़े ऑपरेशन में Delhi Police ने तमिलनाडु के तिरुपुर जिले में कार्रवाई करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये संदिग्ध पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठनों के समर्थन में सोशल मीडिया पर सामग्री साझा कर रहे थे। सूत्रों के मुताबिक खुफिया इनपुट मिलने के बाद पुलिस की विशेष टीम जांच के लिए Tiruppur पहुंची। जांच के दौरान अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर छह आरोपियों को हिरासत में लिया गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दो आरोपियों को उथुकुली से, तीन को पल्लडम से और एक को थिरुमुरुगनपुंडी इलाके से पकड़ा गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड के जरिए अपनी पहचान छिपा रहे थे। बताया जा रहा है कि इन दस्तावेजों के सहारे वे तिरुपुर के गारमेंट उद्योग में काम कर रहे थे।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम मिजानुर रहमान, मोहम्मद शबात, उमर, मोहम्मद लिटन, मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद उज्ज्वल बताए गए हैं। इस मामले में पश्चिम बंगाल से भी दो और संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। अब तक कुल आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से आठ मोबाइल फोन और 16 सिम कार्ड जब्त किए हैं। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी, ताकि इनके नेटवर्क और संभावित संपर्कों का पता लगाया जा सके। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इनका संबंध किसी बड़े संगठित नेटवर्क से है।
गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को आगे की पूछताछ के लिए ट्रेन से दिल्ली लाया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। इस कार्रवाई को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पहले भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 124A को देशद्रोह के रूप में जाना जाता था। अब Bharatiya Nyaya Sanhita लागू होने के बाद पुरानी धारा हटाई जा चुकी है। देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कृत्यों से संबंधित प्रावधान अब BNS की धारा 152 में शामिल है।
यदि कोई व्यक्ति बोलकर, लिखकर, संकेतों या डिजिटल माध्यम जैसे सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो या फोटो के जरिए ऐसी सामग्री फैलाता है जिससे देश की एकता या अखंडता को नुकसान पहुंच सकता है, तो इस धारा के तहत कार्रवाई की जा सकती है।