विदेश यात्रा हमेशा महंगी नहीं होती। दुनिया में कुछ देश ऐसे हैं जहां भारतीय रुपया उम्मीद से कहीं ज्यादा ताकतवर है। यहां कम बजट में होटल, खाना, ट्रैवल और टूरिज्म का पूरा अनुभव मिलता है। डाइनामाइट न्यूज़ की ये रिपोर्ट आज आपको बताएगी वो 6 देश, जो भारतीय ट्रैवलर्स के लिए छुपा हुआ खजाना हैं।

जब भारतीय रुपया बन जाए राजा!
New Delhi: क्या आप जानते हैं, किसी भी देश की मुद्रा का मूल्य केवल नोट या सिक्के से नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के कई कारकों से तय होता है। भारतीय रुपये की कीमत विदेशी मुद्रा बाजार में मांग और आपूर्ति, देश की आर्थिक स्थिरता, महंगाई दर, ब्याज दर, विदेशी निवेश और व्यापार घाटे जैसे संकेतकों पर निर्भर करती है।
जब किसी देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है और विदेशी निवेश बढ़ता है, तो उसकी मुद्रा को मजबूती मिलती है। वहीं जिन देशों की स्थानीय करेंसी कमजोर होती है, वहां भारतीय रुपया तुलनात्मक रूप से ज्यादा ताकतवर नजर आता है।
भारतीय रुपया अक्सर वैश्विक बाजार में कमजोर माना जाता है, लेकिन यही रुपया दुनिया के कुछ देशों में असाधारण ताकत दिखाता है। करेंसी एक्सचेंज के खेल में कई राष्ट्र ऐसे हैं, जहां एक भारतीय रुपये के बदले सैकड़ों यूनिट की स्थानीय मुद्रा मिलती है और इसका सीधा असर यात्रा खर्च पर पड़ता है।
होटल, खाना, लोकल ट्रांसपोर्ट और दर्शनीय स्थलों का खर्च इतना कम हो जाता है कि विदेश यात्रा भारत के भीतर घूमने से भी सस्ती लगने लगती है। यही वजह है कि अब भारतीय ट्रैवलर्स की नजर केवल यूरोप या अमेरिका पर नहीं, बल्कि एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के उन देशों पर है जहां रुपया मजबूत है।
कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक कमजोर स्थानीय अर्थव्यवस्था, कम जीवन-यापन लागत और सस्ता टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर इन देशों को बजट वर्ल्ड ट्रैवल का नया हॉटस्पॉट बना रहा है। आज हम आपको इस खबर में उन छह देशों के बारे में बताने वाले हैं जहां भारतीय रुपया न सिर्फ चलता है, बल्कि सफर को किफायती और यादगार बना देता है।
भारतीय रुपया
वियतनाम: वियतनाम भारतीय पर्यटकों के लिए इस समय सबसे किफायती विदेशी देशों में गिना जा रहा है। भारतीय एक रुपये की कीमत यहां लगभग 294 वियतनामी डोंग तक पहुंच जाती है, जिससे रोजमर्रा का खर्च बेहद कम हो जाता है। स्थानीय नाइट मार्केट और स्ट्रीट फूड 40-50 रुपये में भरपेट खाना मिल जाता है। बजट होटल 500 रुपये के आसपास और बाइक रेंटल 100 रुपये में उपलब्ध है। ट्रांसपोर्ट, गाइड और एंट्री टिकट भी सस्ते हैं, जिससे कम बजट में पूरा ट्रैवल अनुभव संभव हो पाता है।
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इंडोनेशिया: इंडोनेशिया, खासकर बाली और आसपास के द्वीप, भारतीय ट्रैवलर्स के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। यहां भारतीय एक रुपये के बदले करीब 190 इंडोनेशियन रुपिया मिलते हैं। लोकल कैफे और बीच साइड फूड 100-120 रुपये में मिल जाता है, जबकि ऑफ-सीजन में अच्छे होटल 400-500 रुपये में भी मिल जाते हैं। इंडोनेशिया में लोकल ट्रांसपोर्ट और स्कूटर रेंटल सस्ते हैं, जिससे टूरिस्ट बिना ज्यादा खर्च के घूम सकते हैं।
पराग्वे (Paraguay): लैटिन अमेरिका का यह देश भारतीय यात्रियों के लिए अब भी एक छुपा हुआ बजट डेस्टिनेशन है। भारतीय एक रुपये की कीमत यहां लगभग 86 गुआरानी है। पैराग्वे में जीवन यापन की लागत कम होने के कारण होटल 600 रुपये के भीतर और लोकल लैटिन डिश 150 रुपये तक मिल जाती है। पर्यटन अभी ज्यादा कमर्शियल नहीं हुआ है, इसलिए गाइड चार्ज, ट्रांसपोर्ट और एंट्री फीस भी किफायती रहती है।
कंबोडिया: कंबोडिया में भारतीय रुपये की स्थिति मजबूत मानी जाती है, जहां 1 रुपया लगभग 50 कंबोडियन रिएल के बराबर है। ऐतिहासिक स्थल अंगकोर वाट का टूर करीब 700 रुपये में हो जाता है। लोकल खाना 80-100 रुपये में आसानी से मिल जाता है और पूरा दिन टुक-टुक किराया 400 रुपये के आसपास रहता है। यहां पर्यटन सरकार द्वारा नियंत्रित है, जिससे विदेशी यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ता।
उन 6 देशों की सूची
जिम्बाब्वे: अफ्रीकी देशों में जिम्बाब्वे भारतीय पर्यटकों के लिए अपेक्षाकृत सस्ता विकल्प बनकर उभरा है। भारतीय एक रुपये के बदले लगभग 39 जिम्बाब्वे डॉलर मिलते हैं। यहां सफारी और नेशनल पार्क टूर 800-1000 रुपये में संभव हैं, जो अफ्रीका के अन्य देशों की तुलना में काफी सस्ता है। लोकल ट्रैवल और खाने का दैनिक खर्च सीमित रहता है, जिससे बजट ट्रिप संभव हो पाती है।
पाकिस्तान: पाकिस्तान में भारतीय रुपये की वैल्यू करीब 3.24 पाकिस्तानी रुपये तक मानी जाती है। हालांकि करेंसी अंतर बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन लोकल खर्च कम होने से यात्रा सस्ती पड़ती है। स्ट्रीट फूड 100 रुपये में और लोकल ट्रांसपोर्ट बेहद कम दामों में उपलब्ध है। खासकर पहाड़ी इलाकों और ऐतिहासिक शहरों में होटल और खाने का खर्च भारत के कई टूरिस्ट शहरों से कम देखा गया है।